नई दिल्ली। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि आज एक बेहद अनोखा और दुर्लभ आध्यात्मिक-प्राकृतिक महासंयोग लेकर आई है। आज के दिन श्रद्धालु जहां भगवान शिव की आराधना के लिए सोमवार का व्रत रख रहे हैं, वहीं मोक्षदायिनी मां गंगा के पृथ्वी अवतरण का महापर्व ‘गंगा दशहरा’ भी पूरे देश में श्रद्धाभाव से मनाया जा रहा है। इसके साथ ही, आज से ही भीषण गर्मी का प्रतीक माने जाने वाले ‘नौतपा’ की भी शुरुआत हो रही है, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है। आज पूरे दिन रवि योग और अभिजीत मुहूर्त जैसे शुभ संयोग बने हुए हैं, जो पूजा-पाठ के फल को और अधिक बढ़ा देते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार का दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है। आज के दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। वहीं, पौराणिक ग्रंथों के अनुसार आज ही के दिन देवी गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। माना जाता है कि आज गंगा नदी में स्नान और दान करने से मनुष्य के दस प्रकार के पापों का नाश होता है। जो लोग गंगा तट पर नहीं जा सकते, वे घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर पुण्य लाभ पा सकते हैं।
इस आध्यात्मिक उल्लास के बीच आज से नौतपा का पहला दिन भी शुरू हो गया है। ज्योतिष और मौसम विज्ञान के अनुसार, इन 9 दिनों में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान में भारी बढ़ोतरी होती है। धार्मिक दृष्टि से नौतपा के दौरान जल, घड़े, सत्तू और रसदार फलों का दान करना बेहद कल्याणकारी माना गया है, जो इस तपती गर्मी में समाज को राहत देने का एक संदेश भी है।
