नई दिल्ली। दुनिया भर में एक बार फिर एक बेहद खतरनाक और जानलेवा बीमारी का खौफ पैदा हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इबोला वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण और इससे होने वाली मौतों के डराने वाले आंकड़ों को देखते हुए इसे ‘ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी’ (वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल) घोषित कर दिया है। इस बड़े और अंतरराष्ट्रीय ऐलान के बाद भारत में भी हड़कंप मच गया है और केंद्र सरकार तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह सख्त कदम इबोला के तेजी से फैलते दायरे की गहन समीक्षा करने के बाद उठाया है। ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी लागू होने का सीधा मतलब यह है कि यह जानलेवा वायरस अब किसी एक देश तक सीमित न रहकर पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय खतरा बन चुका है। इससे निपटने के लिए अब सभी देशों को एकजुट होकर तुरंत सख्त कदम उठाने होंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी हुए इस हाई अलर्ट को देखते हुए भारत का स्वास्थ्य मंत्रालय भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। देश के नागरिकों को इस जानलेवा वायरस की चपेट में आने से बचाने के लिए सरकार ने एक विस्तृत और सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों को इबोला से प्रभावित देशों की किसी भी तरह की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
इसके साथ ही, देश के भीतर इस खतरनाक वायरस के प्रवेश को हर हाल में रोकने के लिए सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। विदेशों से आने वाले यात्रियों की कड़ी मेडिकल स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध मरीज की तुरंत पहचान कर उसे आइसोलेट किया जा सके और देश को इस बड़े संकट से सुरक्षित रखा जा सके।
