पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग; ‘वन नेशन वन टैक्स’ लागू हुआ तो सीधा रु.22 तक सस्ता हो सकता है ईंधन

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देश में आसमान छूती पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले कुछ ही दिनों में तेल के दामों में हुई ताबड़तोड़ बढ़ोतरी के कारण कई शहरों में पेट्रोल रु.100 प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। दिल्ली में भी पेट्रोल की कीमत रु99.51 प्रति लीटर तक जा पहुंची है। इस बीच बढ़ती महंगाई से जनता को निजात दिलाने के लिए चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ईंधन को तुरंत वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में शामिल करने की जोरदार वकालत की है।

वर्तमान में पेट्रोल-डीजल पर ग्राहकों को भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ रहा है। दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस महज रु.66.29 है, लेकिन इस पर रु.11.90 एक्साइज ड्यूटी, रु.16.03 वैट (VAT) और रु.4.42 डीलर कमीशन जुड़ने से यह बेहद महंगा हो जाता है। यही स्थिति डीजल की भी है, जहां अलग-अलग राज्य अपनी मनमर्जी से भारी वैट वसूल रहे हैं। सीटीआई का कहना है कि 2017 में लागू हुए ‘वन नेशन वन टैक्स’ के तहत पेट्रोल-डीजल को भी लाया जाना चाहिए ताकि पूरे देश में कीमतें एक समान हो सकें। गणित के हिसाब से समझें तो यदि पेट्रोल पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाता है, तो इस पर लगने वाला कुल टैक्स घटकर केवल रु.11.93 रह जाएगा। इस बड़े बदलाव से दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत घटकर लगभग रु.78.22 प्रति लीटर हो जाएगी, यानी सीधे  रु.22 प्रति लीटर की बंपर राहत मिलेगी।