नई दिल्ली। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी हिस्सेदारी घटाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के जरिए बैंक की 8% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है, जिससे करीब रु.2,455 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इस खबर के बाद शेयर बाजार में बैंक के स्टॉक पर दबाव बढ़ गया और शेयर 5% से ज्यादा टूटकर लगभग रु.32 के स्तर पर पहुंच गया। सरकार ने OFS के लिए रु.31 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 8.5% कम है। यही वजह रही कि, निवेशकों में बिकवाली बढ़ गई। पिछले एक महीने में बैंक का शेयर 13% से ज्यादा गिर चुका है।
DIPAM की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह OFS 22 मई 2026 को नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा, जबकि रिटेल निवेशक और बैंक कर्मचारी 25 मई को बोली लगा सकेंगे। सरकार शुरुआती चरण में 4% हिस्सेदारी बेचेगी, लेकिन मजबूत मांग मिलने पर अतिरिक्त 4% शेयर बेचने का विकल्प भी रखा गया है। फिलहाल बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 89.27% है। इस बिक्री का उद्देश्य विनिवेश योजना को आगे बढ़ाना और सार्वजनिक शेयरधारिता नियमों का पालन करना है। OFS में 10% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि कर्मचारियों के लिए भी विशेष कोटा तय किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि, कम फ्लोर प्राइस के कारण निवेशकों को अल्पकालिक अवसर मिल सकता है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
