नई दिल्ली। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो सुबह का नाश्ता, दोपहर का लंच या रात का डिनर महज 15-20 मिनट में फटाफट खत्म कर लेते हैं, तो यह आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक की बिहेवियरल हेल्थ एक्सपर्ट लेस्ली हाइनबर्ग के अनुसार, जब हम खाना खाते हैं, तो पेट से दिमाग तक यह सिग्नल पहुंचने में कि ‘पेट भर गया है’, कम से कम 20 मिनट का समय लगता है। ऐसे में तेजी से खाने वाले लोग इस जरूरी हार्मोनल सिग्नल को मिस कर देते हैं और जरूरत से ज्यादा (ओवरईटिंग) खा लेते हैं, जिससे मोटापे का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा, जल्दी-जल्दी खाने से पेट में हवा चली जाती है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और बदहजमी जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं और बिना अच्छे से चबाया गया खाना शरीर को पूरा पोषण भी नहीं दे पाता।
ब्रिटिश न्यूट्रिशनल कंपनी ZOE की मुख्य वैज्ञानिक सारा बेरी और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट हेलेन मैकार्थी ने इस आदत को बदलने के लिए कुछ बेहद आसान और वैज्ञानिक तरीके सुझाए हैं। सबसे पहला और जरूरी नियम है कि खाते समय टीवी पूरी तरह बंद कर दें और मोबाइल को खुद से दूर रखें। जब हम स्क्रीन देखते हुए खाते हैं, तो हमारा ध्यान शरीर के सिग्नल्स पर नहीं होता और हम जरूरत से ज्यादा खा जाते हैं।

खाना धीरे खाने के लिए आप अपने दूसरे हाथ (नॉन-डोमिनेंट हैंड) से खाने की कोशिश कर सकते हैं या चॉपस्टिक का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे आपकी स्पीड अपने आप कम हो जाएगी। इसके अलावा, हर निवाले को मुंह में रखने के बाद चम्मच या रोटी को प्लेट पर रख दें और उसे सामान्य से ज्यादा बार चबाएं। बीच-बीच में पानी पीने के लिए सचेत होकर ब्रेक लें। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड या फास्ट फूड बहुत नरम होते हैं, जिन्हें लोग जल्दी निगल जाते हैं, इसलिए अपनी डाइट में हरी सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें जिन्हें चबाने में वक्त लगता है। जब आप धीरे-धीरे स्वाद लेकर खाएंगे, तो न सिर्फ कम खाएंगे बल्कि भोजन का असली आनंद भी ले पाएंगे।
