रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। कृषि विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड, आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे वैज्ञानिक खेती अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कर्रई निवासी किसान नेवल साय कुजूर ने बताया कि शासन की हरित क्रांति योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड योजना और कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रशिक्षण से उनकी खेती अधिक लाभकारी बनी है। अब वे परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए वर्षभर खेती कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में भी फसल ले रहे हैं और खरीफ सीजन में धान की बेहतर पैदावार प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले बिना परीक्षण के अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग करना पड़ता था, जिससे लागत बढ़ती थी। अब सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी मिल जाती है, जिसके आधार पर संतुलित मात्रा में उर्वरकों और जैविक खाद का उपयोग किया जाता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है, लागत कम होती है और उत्पादन बढ़ता है।
नेवल साय कुजूर ने कहा कि वे समय-समय पर कृषि विज्ञान केंद्र जाकर विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। वहां उन्हें उन्नत बीज, जैविक खाद, कीट प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिसका सीधा लाभ उनकी खेती में दिखाई दे रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन से किसान अब आधुनिक खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड, कृषि प्रशिक्षण, तकनीकी सलाह और विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा रहा है।
