जशपुर का इको पार्क बना नवाचार की मिसाल: कबाड़ से तैयार लोहे का घोड़ा और तितली, बच्चों के लिए रंग-बिरंगे झूले आकर्षण का केंद्र

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जशपुर। जिले में स्थित दुलदुला जनपद पंचायत के पास विकसित इको पार्क आज नवाचार और पर्यावरण संरक्षण का शानदार उदाहरण बनकर उभरा है। यह पार्क “वेस्ट टू बेस्ट” की अवधारणा पर आधारित है, जहां अनुपयोगी कबाड़ सामग्री को रचनात्मक तरीके से उपयोग कर आकर्षक संरचनाओं में बदला गया है। पार्क में पुराने लोहे के हिस्सों से घोड़ा, मयूर और तितली जैसी खूबसूरत आकृतियां बनाई गई हैं, जो लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं। वहीं पुराने टायरों को रंग-बिरंगे झूलों में बदलकर बच्चों के लिए मनोरंजन का खास केंद्र तैयार किया गया है। यह पार्क न सिर्फ बच्चों के खेलने के लिए, बल्कि परिवारों के लिए भी एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट बन गया है।

इको पार्क में ओपन जिम और व्यायाम की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे युवा और फिटनेस प्रेमी लोग यहां नियमित रूप से पहुंच रहे हैं। इससे यह स्थान स्वास्थ्य और मनोरंजन दोनों का संगम बन गया है। हाल ही में जिला प्रशासन ने इस पार्क का निरीक्षण किया और कबाड़ से किए गए इस नवाचार की सराहना की। अधिकारियों ने पार्क में और अधिक पौधरोपण करने तथा हरियाली बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि, यह इको पार्क आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल साबित होगा, जो यह दिखाता है कि कम लागत और रचनात्मक सोच से भी पर्यावरण संरक्षण और जन-सुविधाओं का बेहतरीन विकास संभव है।