राहुल गांधी ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों को बताया ‘चुनावी बिल’, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला

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नई दिल्ली। महंगाई और बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को लेकर सरकार को घेरा, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रोजगार और मजदूरों की स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि चुनाव के बाद महंगाई की मार शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर में सिर्फ एक दिन में 993 रुपए की बढ़ोतरी हुई, और फरवरी से अब तक कीमत में कुल 1,380 रुपए का इजाफा हुआ है। यह 3 महीनों में 81 प्रतिशत की वृद्धि के बराबर है। उन्होंने कहा कि चायवाले, ढाबे, होटल, बेकरी और हलवाई सभी की रसोई पर इसका असर पड़ेगा, और इसका असर आम लोगों की थाली पर भी दिखाई देगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में बढ़ती बेरोजगारी की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाली। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात ‘हम दो-हमारे दो’ नीति का परिणाम हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि नया लेबर कोड नौकरी की सुरक्षा के बजाय कॉन्ट्रैक्ट लेबर और ‘हायर एंड फायर’ जैसी नीतियों को बढ़ावा देता है। इसके चलते नोएडा, पानीपत के आईओसीएल, एनटीपीसी पतरातू और सैमसंग फैक्ट्री समेत कई जगहों पर असंतोष देखने को मिला।

खड़गे ने कहा कि मनरेगा को सीमित कर दिया गया और मजदूरी का 40 प्रतिशत बोझ राज्य सरकारों पर डाल दिया गया, जिससे रोजगार उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है। इसके चलते लोग गिग वर्क की ओर मजबूर हो रहे हैं और करीब 69 प्रतिशत लोग न्यूनतम मजदूरी से कम पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी नौकरियों में करीब 30 लाख पद खाली हैं और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण से नौकरियों में कमी आई है। कांग्रेस ने मजदूरों के लिए पांच प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें मनरेगा का विस्तार, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन, ‘राइट टू हेल्थ’ कानून लागू करना, असंगठित श्रमिकों के लिए बीमा और ठेकेदारी प्रथा पर रोक तथा नए लेबर कोड की समीक्षा शामिल हैं।