रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस उपायुक्त (नार्थ जोन) मयंक गुर्जर द्वारा सोमवार को थाना उरला का विस्तृत वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, मालखाने के रखरखाव और महत्वपूर्ण अभिलेखों का बारीकी से सूक्ष्म परीक्षण किया। डीसीपी ने अपराध रजिस्टर की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का प्रभावी ढंग से और शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने वारंटियों की तामीली में तेजी लाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया ताकि क्षेत्र में कानून का डर बना रहे।

औद्योगिक क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को देखते हुए डीसीपी मयंक गुर्जर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में थाना परिसर में ग्रीन बेल्ट विकसित करने और बाउंड्री वॉल के सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने थाने में लंबे समय से लंबित जब्त वाहनों और अन्य सामग्रियों के विधिसम्मत निपटारे हेतु आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए उन्होंने संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व अनिवार्य है। उन्होंने स्टाफ को आम जनता के साथ मधुर और प्रभावी संवाद स्थापित करने के साथ-साथ महिला एवं बाल सुरक्षा तथा साइबर अपराधों के मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई, जबकि अनुशासनहीनता और वर्दी के प्रति लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई। इस दौरान थाना प्रभारी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा, जिन्हें टीमवर्क के साथ बेहतर सेवा देने के लिए प्रेरित किया गया।
