नई दिल्ली। दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली महिला वकील मधु राजपूत पर उनके पति और ससुराल पक्ष द्वारा 24 अप्रैल की रात तलवार जैसी धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया। हमले में उनकी सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें उपचार में देरी के कारण कई अस्पतालों ने भर्ती करने से मना कर दिया। अंततः सुबह उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया। सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और पुलिस अधिकारियों को पीड़िता की दो नाबालिग बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने जांच अधिकारी को विस्तृत जांच करने और स्टेटस रिपोर्ट जल्दी दाखिल करने का आदेश दिया। नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को पीड़िता के इलाज और बेटियों की देखभाल के लिए अंतरिम वित्तीय सहायता जारी करने के निर्देश दिए गए। सीजेआई सूर्यकांत ने महिला वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया और पीड़िता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
महिला वकील पर जानलेवा हमला: सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, कई महत्वपूर्ण आदेश जारी
