नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने सिफारिशों को अंतिम रूप देने की दिशा में राज्यवार बैठकों की शुरुआत कर दी है। कर्मचारी संगठनों के साथ सीधी बातचीत के जरिए वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं पर सुझाव जुटाए जा रहे हैं। आयोग ने उत्तराखंड से आमने-सामने बैठकों की शुरुआत की है, जबकि 28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। इसके बाद मई में पुणे और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी चर्चा होगी। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों की मांगों और प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने की मांग को लेकर है।

अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो कर्मचारियों के मूल वेतन में बड़ा इजाफा संभव माना जा रहा है। इसके अलावा न्यूनतम वेतन, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) में बदलाव की उम्मीद भी जताई जा रही है। यूनियनों ने परिवार इकाई बढ़ाने और DA की नई गणना पद्धति जैसे सुझाव भी दिए हैं। आयोग इन प्रस्तावों पर तकनीकी समीक्षा कर रहा है। जनवरी 2025 में गठित 8वें वेतन आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में आने वाले महीनों में कर्मचारियों के लिए बड़े फैसलों की उम्मीद बढ़ गई है। अब सबकी नजर सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है।
