लखनऊ। आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपरजाएंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए किसी थ्रिलर से कम नहीं था। मैच आखिरी गेंद तक गया, जहां मोहम्मद शमी के छक्के ने स्कोर बराबर कर दिया और मुकाबला सुपर ओवर में पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद जो हुआ, उसने लखनऊ की रणनीति और कप्तानी दोनों पर सवाल खड़े कर दिए। वहीं रिंकू सिंह ने नाबाद 83 रन की शानदार पारी खेलकर केकेआर को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। वहीं सुपर ओवर में सुनील नरेन ने घातक गेंदबाजी करते हुए सिर्फ एक रन देकर दो विकेट झटके। नतीज- एलएसजी सिर्फ एक रन बना सकी, जो आईपीएल इतिहास का सबसे कम सुपर ओवर स्कोर बन गया। इसके जवाब में केकेआर ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।आपको बता दें की सुपर ओवर में लखनऊ ने निकोलस पूरन और एडेन मार्करम को बल्लेबाजी के लिए भेजा। यह फैसला चौंकाने वाला था क्योंकि टीम के पास ऋषभ पंत, मिचेल मार्श और मुकुल चौधरी जैसे विकल्प मौजूद थे। पूरन उस मैच में पहले ही नौ रन बनाकर आउट हो चुके थे और पूरे सीजन में उनका फॉर्म बेहद खराब रहा है। वह आईपीएल 2026 में अब तक आठ मैचों में सिर्फ 82 रन बना सके हैं।
वहीं जब 12 साल पहले सुपर ओवर में पूरन और नरेन आमने-सामने आए थे, तब भी नतीजा लगभग ऐसा ही रहा था। पूरन पहली चार गेंदों पर कोई शॉट ठीक से कनेक्ट नहीं कर पाए थे और पांचवीं गेंद पर लॉन्ग-ऑफ पर कैच आउट हो गए थे। इस बार भी कहानी नहीं बदली, बल्कि और खराब हो गई। सुपर ओवर की पहली ही गेंद पर नरेन ने पूरन को बोल्ड कर दिया, जिससे लखनऊ की उम्मीदें शुरुआत में ही खत्म हो गईं। सुपर ओवर की पहली ही गेंद पर पूरन ने तेज गति से डाली गई ऑफ स्पिन गेंद पर स्लॉग-स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह चूक गए और नरेन ने उन्हें बोल्ड कर दिया। इसके तुरंत बाद मार्करम भी सिर्फ तीन गेंदों के भीतर आउट हो गए, जिससे लखनऊ की पारी बिखर गई। इसके बाद केकेआर ने दो रन का मामूली लक्ष्य बेहद आसानी से हासिल कर लिया और लखनऊ को उनके घरेलू मैदान पर लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ा। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो यह फैसला और भी हैरान करता है, क्योंकि सुपर ओवर में पूरन का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। उन्होंने सुपरओवर में कुल 10 गेंदों में सिर्फ एक रन बनाए हैं। वह पांच बार आउट हो चुके हैं। इतना ही नहीं, सुनील नरेन के खिलाफ सुपर ओवर में आठ गेंदों पर वह सिर्फ एक रन ही बना सके हैं। यानी जिस बल्लेबाज को सबसे अहम मौके पर भेजा गया, उसके आंकड़े इस फैसले के बिल्कुल खिलाफ थे। कोच लैंगर ने भले ही पूरन पर भरोसा जताया हो, लेकिन आंकड़े इस फैसले के बिल्कुल उलट कहानी बताते हैं, खासतौर पर जब सामने गेंदबाज नरेन हों। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि सुपर ओवर जैसे हाई-प्रेशर मोमेंट में पूरन का रिकॉर्ड नरेन के खिलाफ बेहद कमजोर रहा है। ऐसे में उन्हें सबसे पहले बल्लेबाजी के लिए भेजना एक बड़ा जोखिम था, जो आखिरकार लखनऊ टीम पर भारी पड़ गया।
