जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारी गई नक्सली कमांडर रूपी के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रूपी का अंतिम संस्कार तेलंगाना के मेडक जिले में किया गया, जहां कुछ लोगों द्वारा लाल झंडों के साथ कथित रूप से विवादित गीत गाने और नाचने का वीडियो सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को कांकेर के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माचपल्ली, आरामझोरा और हिडूर के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई।
मुठभेड़ के बाद इलाके की तलाशी में एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान रूपी के रूप में की गई। वह एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रैंक की कमांडर थी और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल थी। वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए तेलंगाना ले जाया गया। अंतिम विदाई के दौरान सामने आए वीडियो में लाल झंडों के साथ भीड़ और कथित ‘हिडमा सांग’ बजने की बात सामने आई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पूरा मामला अब जांच के दायरे में है और सुरक्षा एजेंसियां इस घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
