बलौदाबाजार। जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जनदर्शन के दौरान एक बार फिर संवेदनशील प्रशासन की मिसाल पेश की। आमतौर पर अधिकारी जहां अपने केबिन में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, वहीं कलेक्टर शर्मा ने एक दिव्यांग व्यक्ति के पास बैठकर उसकी फरियाद सुनी। इस मानवीय पहल ने मौके पर मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
दरअसल, तहसील टुंडरा के ग्राम खपरीडीह निवासी दिव्यांग हृदय केवट अपनी गंभीर बीमारी और पारिवारिक उपेक्षा से परेशान होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। शारीरिक रूप से कमजोर हृदय केवट ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि, उनके ही परिवार के सदस्य, जिनमें मां और छोटा भाई शामिल हैं, न तो इलाज में मदद कर रहे हैं और न ही उन्हें पैतृक संपत्ति में उनका अधिकार दे रहे हैं। दिव्यांग की हालत और उसकी परेशानी को देखते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा खुद उसके पास पहुंचे और बगल में बैठकर उसका आवेदन पढ़ा। उन्होंने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए धैर्यपूर्वक उसकी बात सुनी और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
कलेक्टर ने भूमि विवाद और संपत्ति में हिस्सेदारी के मामले की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कसडोल को निर्देशित किया कि, मामले की सूक्ष्म जांच कर पीड़ित को उसका वैधानिक अधिकार दिलाया जाए। वहीं, दिव्यांग की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए गए कि उसके इलाज की समुचित व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर की इस पहल से पीड़ित हृदय केवट को न सिर्फ न्याय की उम्मीद जगी, बल्कि प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ। जनदर्शन में मौजूद अन्य लोगों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना की। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि, प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि संवेदनशीलता और मानवता के साथ काम करने से ही वास्तविक बदलाव संभव है। कलेक्टर की इस पहल को जिले में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
