गुण्डरदेही/बालोद। देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और केंद्र सरकार की कार्यशैली को लेकर बालोद जिले के गुण्डरदेही क्षेत्र में भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जनता सरकार का चुनाव देश की समस्याओं का समाधान करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विकास को गति देने के लिए करती है। ऐसे में यदि देश में अव्यवस्था या अराजकता की स्थिति है तो इसकी जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई करना सरकार का दायित्व है।
देश की राजनीति में इन दिनों चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी घमासान जारी है।
इसी मुद्दे पर 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने महारैली आयोजित की। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। विपक्ष ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रकाश नाहटा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है। सरकार को आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी और अधिकार दोनों सरकार के पास हैं। यदि कहीं अव्यवस्था है तो उसे दूर करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से सरकार पीछे क्यों हट रही है? विपक्ष अपनी भूमिका निभा रहा है, लेकिन सत्ता पक्ष का रवैया देखकर लगता है कि वह भी विपक्ष की भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है। जनता ने सरकार को शासन चलाने और समस्याओं का समाधान करने का जनादेश दिया है, न कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझने का।
