कोलकाता। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह-सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सुबह ठीक 6 बजे कोलकाता और मुर्शिदाबाद में एक साथ कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। ED का यह तगड़ा एक्शन करोड़ों रुपये के जबरन वसूली (Extortion) और जमीन धोखाधड़ी रैकेट के खिलाफ हुआ है, जिसे कुख्यात ‘सोना पप्पू’ और कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास मिलकर चला रहे थे। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने कोलकाता के रॉयड स्ट्रीट पर स्थित एक होटल, कस्बा इलाके में एक कारोबारी के आवास और कोलकाता पुलिस के ही एक सब-इंस्पेक्टर के घर पर एक साथ दबिश दी। इसके साथ ही ED की एक विशेष टीम पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के मुर्शिदाबाद के कांडी स्थित पैतृक आवास पर भी सर्च ऑपरेशन चला रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ‘सोना पप्पू’ से हुई हालिया पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि, रंगदारी और धोखाधड़ी से कमाए गए काले धन को सफेद करने के लिए कई फर्जी संस्थाओं और शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था। इतना ही नहीं, यह अवैध पैसा कई रसूखदार और प्रभावशाली लोगों तक भी पहुंचाया गया था, जिनकी कड़ियों को जोड़ने के लिए ED डिजिटल रिकॉर्ड्स और बैंक ट्रांजैक्शंस को खंगाल रही है। हालांकि, ED की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों का पूरा फोकस अवैध लेनदेन और जबरन वसूली गिरोह से जुड़े पुख्ता दस्तावेज और सबूत जुटाने पर है। इस बड़ी कार्रवाई से बंगाल के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
