दुर्ग। 1 नवंबर को विपक्ष द्वारा आयोजित ‘चलो दिल्ली’ महारैली को लेकर देश में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। इस बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा रैली में अड़ंगे डालने के प्रयासों पर निशाना साधते हुए कहा, “केंद्र सरकार रोक सको तो रोक ले, लेकिन देश का हर नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में जरूर पहुंचेगा।”
वोरा ने कहा कि राहुल गांधी ने लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार मजबूती से आवाज़ उठाई है। उनके नेतृत्व में कांग्रेस देशभर में मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठा रही है। 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली इसी संघर्ष की एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को मिल रहे अपार जनसमर्थन से केंद्र सरकार बुरी तरह बौखला गई है। रैली को रोकने और विफल करने के लिए सरकारी तंत्र का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है।
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केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियां यह भ्रामक प्रचार कर रही हैं कि इस प्रदर्शन से त्योहारों के सीजन में व्यापारियों का हजारों करोड़ का नुकसान होगा, ताकि आम जनता और व्यापारिक संगठनों को गुमराह किया जा सके।हम उन्हें याद दिलाना चाहते हैं कि कांग्रेस का इतिहास शांतिपूर्ण सत्याग्रह और अहिंसक आंदोलनों का रहा है। विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं व आम लोगों के दिल्ली पहुंचने वाले रास्तों को अवरुद्ध किया जा रहा है। स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग के आवेदनों को खारिज किया जा रहा है, मुख्य सीमाओं पर अनावश्यक बैरिकेडिंग की जा रही है और दिल्ली में आवाजाही को ठप करने की साजिश रची जा रही है।
वोरा ने कहा कि कांग्रेस का ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लेकर चलाया जा रहा है। कांग्रेस की मांग है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से न हटे और निर्वाचन प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रहे।वोरा ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और संविधान की रक्षा का इतिहास रहा है। पार्टी ने हमेशा जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाई है और आगे भी उठाती रहेगी। सत्ता के बल पर सवालों को दबाने के बजाय सरकार को उन सवालों का जवाब देना चाहिए, जो देश की जनता और विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठा रहे हैं।
अरुण वोरा ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दिल्ली में आयोजित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली में शामिल होने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। छत्तीसगढ़ से सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन दिल्ली पहुंचकर इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में अपनी भागीदारी निभाएंगे। विशेष रूप से रायपुर संभाग और दुर्ग संभाग से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता दिल्ली रवाना होंगे। वोरा ने छत्तीसगढ़ सहित देशभर के कांग्रेसजनों से आह्वान किया कि वे सभी बाधाओं के बावजूद अपने संकल्प पर अडिग रहें और 1 नवंबर को दिल्ली की महारैली में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।भाजपा सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि परिवहन की व्यवस्थाओं में मुश्किलें पैदा करके जनहित के मुद्दों पर उठने वाली आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
