हार्ट अटैक को लेकर अक्सर यह माना जाता है कि इसके कुछ शुरुआती संकेत पहले से दिखाई दे सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति में ऐसे लक्षण स्पष्ट रूप से नजर आएं। कई मामलों में हार्ट अटैक अचानक भी हो सकता है, जबकि कुछ लोगों में इसके पहले शरीर कुछ चेतावनी संकेत दे सकता है। हाल ही में सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि हार्ट अटैक से लगभग 14 दिन पहले शरीर कुछ संकेत देना शुरू कर देता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का कोई निश्चित समय या “14 दिन का नियम” वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह स्थापित नहीं है। यह कहना सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति में हार्ट अटैक से दो हफ्ते पहले ही लक्षण जरूर दिखाई देंगे।
चिकित्सा विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ मरीजों में हार्ट अटैक से पहले सीने में हल्का दर्द, भारीपन, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान, बेचैनी, चक्कर आना या पसीना आने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। कई बार ये संकेत कुछ दिन पहले शुरू हो सकते हैं, लेकिन कई मामलों में ये अचानक भी सामने आ सकते हैं और तुरंत गंभीर स्थिति बन जाती है। डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। पुरुषों और महिलाओं में भी इसके संकेतों में अंतर देखा जाता है। कुछ लोगों को सीने में दर्द प्रमुख लक्षण के रूप में महसूस होता है, जबकि महिलाओं में थकान, मतली और पीठ या जबड़े में दर्द जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि जीवनशैली से जुड़े कारण जैसे तनाव, धूम्रपान, खराब खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, मोटापा, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाते हैं। ऐसे में शरीर के किसी भी असामान्य संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि यह भी जरूरी है कि हर हल्के लक्षण को सीधे हार्ट अटैक से जोड़कर घबराया न जाए। कई बार ये सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं। लेकिन अगर लगातार या गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। चिकित्सा क्षेत्र में इस बात पर जोर दिया जाता है कि हार्ट अटैक से बचाव के लिए जागरूकता और नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
