पृथ्वी दिवस पर प्रेरणा बना सिवनी का दंपति, छोटे घर में उगाए हजारों पौधे

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सिवनी। पृथ्वी दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का एक दंपति पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रहा है। जहां आज के समय में लोग जगह की कमी का हवाला देकर पेड़-पौधे लगाने से बचते हैं, वहीं सिवनी के हरिदर्शन कॉलोनी में रहने वाले नीरज कुमार चौरिया और उनकी पत्नी इंद्रप्रभा चौरिया ने अपने छोटे से घर को ही हरियाली से भर दिया है।इस दंपति ने अपने घर में करीब 1200 से 1400 पौधे लगाए हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के कैक्टस, बोनसाई और सजावटी पौधे शामिल हैं, जो उनके घर को एक मिनी गार्डन का रूप देते हैं।
इंद्रप्रभा चौरिया बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही पौधों से लगाव रहा है। साल 2020 में नीरज चौरिया से शादी के बाद उनका यह शौक और बढ़ गया, क्योंकि उनके पति भी पौधों के प्रति उतने ही उत्साही हैं। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उन्होंने घर में कई नए पौधे लगाए और उनकी देखभाल शुरू की।उन्होंने विशेष रूप से बोनसाई तैयार करने में मेहनत की है। उनके अनुसार, एक अच्छा बोनसाई तैयार करने में एक से डेढ़ साल का समय लगता है। इंद्रप्रभा ने यह भी कहा कि कुछ लोग कैक्टस जैसे पौधों को घर में लगाना अशुभ मानते हैं, लेकिन यह केवल एक भ्रम है। उनका मानना है कि हर पौधा घर की सुंदरता और सकारात्मकता बढ़ाता है।                            वहीं, नीरज कुमार चौरिया ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पेड़-पौधे लगाने का शौक था, जो उन्हें अपने माता-पिता से मिला। कोरोना काल के दौरान, जब वे बेंगलुरु से वापस सिवनी लौटे और वर्क फ्रॉम होम करने लगे, तब उन्हें अपने इस शौक को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। नीरज ने बताया कि उन्होंने शुरुआत ऐसे पौधों से की, जिन्हें कम जगह और कम देखभाल की जरूरत होती है। इसी दौरान उनकी रुचि कैक्टस और अन्य ऐसे पौधों में बढ़ी, जो अपनी पत्तियों में पानी संग्रहित कर लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। धीरे-धीरे उन्होंने विभिन्न प्रजातियों के पौधों का संग्रह कर लिया और आज उनका घर हरियाली से भर चुका है। उन्होंने कहा कि पौधों की देखभाल करना उतना कठिन नहीं है, जितना लोग समझते हैं। सही जानकारी और थोड़ी मेहनत से कोई भी अपने घर में हरियाली ला सकता है। इंद्रप्रभा की कृषि शिक्षा भी इसमें काफी मददगार साबित हुई है। दोनों मिलकर रोजाना अपने पौधों की देखभाल करते हैं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।