ग्रामीण बस सेवा से सुदूर गांवों को मिलेगी रफ्तार, 850 से अधिक गांवों तक पहुंची सुविधा : केदार कश्यप

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o कांकेर में दो नए मार्गों पर बस सेवा का शुभारंभ, भानुप्रतापपुर-कोरर और भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ के ग्रामीणों को मिलेगी राहत
o बस किराया वृद्धि पर कांग्रेस के सवालों के बीच मंत्री का जवाब, अवैध लकड़ी परिवहन पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी

कांकेर। सुदूर ग्रामीण अंचलों में आवागमन की समस्या दूर करने और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना का विस्तार कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कांकेर के नया बस स्टैंड डोम परिसर में भानुप्रतापपुर-कोरर और भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ मार्ग पर बस सेवा का शुभारंभ किया। लगभग 68-68 किलोमीटर लंबे इन दोनों मार्गों पर बसों का संचालन शुरू होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। इस दौरान मंत्री ने योजना की उपलब्धियां गिनाने के साथ बस किराया वृद्धि, कांग्रेस के विरोध और अवैध लकड़ी परिवहन जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

सुदूर गांवों तक पहुंचेगी परिवहन की सुविधा:
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पहले बसें नहीं पहुंचती थीं, वहां के लोगों को बाजार, अस्पताल, ब्लॉक मुख्यालय और अन्य जरूरी कामों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब योजना के माध्यम से ऐसे गांवों को बस सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में शुरू हुई इस योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ाया जा रहा है। कांकेर जिले में दो नए मार्गों पर बस सेवा की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, कामकाजी लोगों और दैनिक जरूरतों के लिए यात्रा करने वाले ग्रामीणों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

106 मार्गों पर 107 बसें, 850 से अधिक गांवों को लाभ:
मंत्री कश्यप के अनुसार, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत प्रदेश में 106 मार्गों पर लगभग 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। इससे 850 से अधिक गांवों के लोगों को सीधी बस सुविधा का लाभ मिल रहा है। योजना का उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, जहां यात्री संख्या कम होने या संचालन की लागत अधिक होने के कारण नियमित बस सेवा पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा है।

बस संचालकों को सरकार का आर्थिक सहारा:
ग्रामीण मार्गों पर बसों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के तहत वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। मंत्री ने बताया कि इसके अंतर्गत प्रथम वर्ष 26 रुपये, द्वितीय वर्ष 24 रुपये और तृतीय वर्ष 22 रुपये प्रति किलोमीटर की सहायता दी जाती है। सरकार का मानना है कि इस वित्तीय सहयोग से बस संचालकों को ग्रामीण मार्गों पर सेवा जारी रखने में मदद मिलेगी और यात्रियों को नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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बस किराया वृद्धि पर कांग्रेस के सवाल, मंत्री ने दी सफाई:
कांकेर में लगातार बढ़ रहे बस किराए को लेकर आम यात्रियों की परेशानी और विपक्षी कांग्रेस की बयानबाजी के बीच यह मुद्दा चर्चा में है। किराया बढ़ने से आम जनता के सफर पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर मंत्री केदार कश्यप से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पहली बार किराए में संशोधन किया गया है। उनके अनुसार, ईंधन और बसों के उपकरणों की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए किराया बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि अन्य राज्यों की तुलना में किराए में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी की गई है।

हालांकि, किराया वृद्धि का सीधा असर उन यात्रियों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है, जो रोजाना नौकरी, मजदूरी, पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बसों से सफर करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्पों के कारण बसें अनेक लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में किराया वृद्धि को लेकर कांग्रेस के विरोध के साथ आम यात्रियों की परेशानी भी चर्चा के केंद्र में है। सरकार के सामने बस संचालन की बढ़ती लागत और यात्रियों को किफायती सफर उपलब्ध कराने के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।

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अवैध लकड़ी परिवहन पर सख्त कार्रवाई का भरोसा:
अवैध लकड़ी परिवहन से जुड़ी शिकायतों पर मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास इस संबंध में पुख्ता जानकारी या प्रमाण हैं, तो उन्हें उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वालों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस बयान के बाद अवैध परिवहन से जुड़े मामलों में शिकायतों और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ:
कांकेर में आयोजित बस सेवा शुभारंभ कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक आशाराम नेताम, जिला अध्यक्ष महेश जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नूरेटी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। नए मार्गों पर बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों को जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। अब योजना की सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि इन मार्गों पर बसों का संचालन कितना नियमित रहता है और यात्रियों को कितनी सुलभ एवं किफायती परिवहन सुविधा मिल पाती है।