रोहित जाखड़ कांग्रेस में शामिल, पश्चिमी यूपी में जाट वोट पर नजर

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नई दिल्ली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय जाट महासंघ के अध्यक्ष और वरिष्ठ किसान नेता रोहित सिंह जाखड़ ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थामा। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए इसे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि बताया। माना जा रहा है कि रोहित जाखड़ के कांग्रेस में आने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को किसान और जाट समुदाय के बीच नई मजबूती मिल सकती है।

सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम तथा ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद प्रमुख रूप से मौजूद रहे। नेताओं ने रोहित जाखड़ का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनका अनुभव और जनसंपर्क कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान राजनीति का प्रभाव काफी व्यापक है और ऐसे में जाखड़ का कांग्रेस से जुड़ना संगठनात्मक विस्तार के लिए लाभकारी साबित होगा।

रोहित जाखड़ इससे पहले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और इंडिया गठबंधन समन्वय समिति के सदस्य रह चुके हैं। उनकी पहचान लंबे समय तक रालोद के प्रमुख नेताओं में रही। हालांकि, जब राष्ट्रीय लोकदल ने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया, तब उन्होंने इस निर्णय से असहमति जताते हुए पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय जाट महासंघ के माध्यम से किसानों और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे।

पूरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रोहित जाखड़ की पहचान केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि किसान हितों के प्रबल समर्थक के रूप में भी रही है। दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने किसानों के समर्थन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। आंदोलन के दौरान वह लगातार किसानों के बीच मौजूद रहे और विभिन्न मंचों से उनकी मांगों को उठाते रहे। इसके अलावा महिला पहलवानों के आंदोलन में भी उन्होंने खुलकर समर्थन दिया और सामाजिक न्याय से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।

कांग्रेस नेताओं ने भी उनके इसी जनाधार और सक्रिय भूमिका को पार्टी के लिए बड़ी ताकत बताया। राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा किसानों, मजदूरों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है। ऐसे में रोहित जाखड़ जैसे जननेता के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जाखड़ के अनुभव का लाभ संगठन को उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज और किसान समुदाय के बीच रोहित जाखड़ का व्यापक प्रभाव है।

उनका कांग्रेस में आना केवल एक नेता का पार्टी बदलना नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण समाज के साथ कांग्रेस के जुड़ाव को मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका सकारात्मक असर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड और दिल्ली में भी देखने को मिलेगा। कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद रोहित सिंह जाखड़ ने कहा कि उन्होंने पार्टी की विचारधारा, सामाजिक न्याय, किसानों के अधिकारों और संविधान की रक्षा के संकल्प से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसानों, युवाओं, पिछड़े वर्गों और वंचित समाज की आवाज को और मजबूती देना है।

उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस के मंच से वह जनहित के मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठा सकेंगे और किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रोहित जाखड़ का कांग्रेस में शामिल होना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। जाट समाज और किसान राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए कांग्रेस को आगामी चुनावों में इसका राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी भी इसे अपने संगठन के विस्तार और किसान वर्ग के बीच पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि रोहित जाखड़ की नई राजनीतिक पारी कांग्रेस को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कितना मजबूत आधार दिला पाती है।