मुंबई। एक कॉमेडी शो में 370 रुपये की बिरयानी पर किया गया मज़ाक अब टीवी और सोशल मीडिया की दुनिया में एक बड़ा विवाद बन चुका है। इस मामले में अब मशहूर अभिनेत्री रश्मि देसाई की भी तीखी एंट्री हुई है। रश्मि ने कॉमेडियन प्रणित मोरे पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें एक ‘नॉन-आर्टिस्ट’ (जो कलाकार नहीं है) करार दिया है। रश्मि का मानना है कि प्रणित के शोज़ समाज और दर्शकों के बीच बेहद गलत और नकारात्मक संदेश फैला रहे हैं, इसलिए ऐसे शोज़ को तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए।
इस पूरे ‘370 रुपये बिरयानी विवाद’ की शुरुआत तब हुई थी, जब प्रणित मोरे ने अपने एक स्टैंड-अप एक्ट में इस विषय को हास्य के रूप में पेश किया था। हालांकि, दर्शकों के एक बड़े वर्ग ने इसे बेहद संवेदनशील और अपमानजनक माना, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। रश्मि देसाई ने कलाकारों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए कहा कि केवल चंद तालियों और हंसी-मजाक के लिए किसी भी विषय को इस तरह पेश करना ठीक नहीं है जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनोरंजन उद्योग को बचाने के लिए कंटेंट के प्रति सजग होना बेहद जरूरी है।
दूसरी तरफ, इस तीखी आलोचना के बावजूद प्रणित मोरे के फैंस और समर्थक उनके बचाव में उतर आए हैं। उनका तर्क है कि कॉमेडी को केवल एक मजाक की तरह ही लिया जाना चाहिए और इसे इतनी गंभीरता से देखना गलत है। फिलहाल, इस बढ़ते विवाद और रश्मि देसाई के कड़े रुख पर प्रणित मोरे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर मनोरंजन जगत में यह बड़ी बहस छेड़ दी है कि आखिर कॉमेडी और मज़ाक के नाम पर किस हद तक की सामग्री को जायज ठहराया जा सकता है।
