राहुल गांधी ने विपक्षी दलों से प्रदर्शन के लिए तैयार रहने को कहा, नवंबर में रामलीला मैदान में संयुक्त रैली की तैयारी

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नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विवाद और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्षी दलों की संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए ‘इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं से नए सिरे से प्रदर्शन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष का राजनीतिक विरोध जारी रहेगा।

विपक्ष नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में संयुक्त रैली आयोजित करने पर भी विचार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में लगभग 40 गोल मेजें लगाई गई थीं, जिन पर विभिन्न राज्यों के सांसदों को एक साथ बैठाया गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के 22 और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के 22 सांसद भी शामिल हुए। इन दोनों दलों पर प्रदर्शन से दूरी बनाए रखने के आरोपों के बीच उनकी भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक की व्यवस्था इस तरह की गई थी कि अलग-अलग राज्यों के नेता एक साथ बैठकर व्यापक मुद्दों पर चर्चा कर सकें। इस दौरान आगामी त्योहारों, चुनावी राज्यों में संभावित गठबंधन और आगे की आंदोलनकारी रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के सांसदों ने आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अगले कुछ दिनों तक धरना-प्रदर्शन नहीं करने पर चर्चा की। एक सांसद के हवाले से बताया गया कि नेताओं को कुछ दिनों के लिए आराम करने की बात कही गई। इसका संकेत है कि विपक्ष नवरात्रि और दीपावली के बाद फिर से सड़कों पर उतर सकता है।

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बैठक में चुनावी राज्यों में संभावित गठबंधन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। हालांकि, विभिन्न दलों के बीच सीटों और गठबंधन को लेकर किसी अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी नवीनतम याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है, लेकिन इससे राजनीतिक विरोध पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

राहुल गांधी ने कहा, चाहे कुछ भी हो जाए, चाहे कोई भी संस्था भूमिका निभाए या न निभाए, राजनीतिक प्रतिरोध जारी रहेगा, जनता का प्रतिरोध जारी रहेगा और यह विजयी होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी अभियान जारी रहेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी दल नवंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में संयुक्त रैली आयोजित करने पर विचार कर रहे हैं। इस रैली के माध्यम से चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना है।

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बैठक में प्रस्तावित रैली के दौरान संसद का प्रतीकात्मक सत्र आयोजित करने के सुझाव पर भी चर्चा हुई। इसके जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की विपक्ष की मांग को सामने रखने की योजना बताई गई है। इसके अलावा, मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें भी रैली में आमंत्रित करने पर विचार किया जा रहा है।

विपक्ष की इस बैठक को आगामी दिनों में चुनावी मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, संयुक्त रैली की अंतिम तारीख, कार्यक्रम और उसमें शामिल होने वाले दलों को लेकर औपचारिक घोषणा का इंतजार है।