चेन्नई। अभिनेता और फिल्मकार राघव लॉरेंस ने हाल ही में अपने एक बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो क्लिप के बाद कुछ लोगों ने उन पर लोगों की तुलना आवारा कुत्तों से करने का आरोप लगाया था, जिसके चलते उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। विवाद उस समय शुरू हुआ जब राघव लॉरेंस ने तमिलगा वेत्री कझगम और उसके नेतृत्व को लेकर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी नई सरकार को व्यवस्था समझने और खुद को स्थापित करने के लिए समय की आवश्यकता होती है। अपनी बात समझाने के लिए दिए गए उदाहरण में उन्होंने नए घर और नए माहौल के साथ तालमेल बिठाने की बात कही थी। इसी दौरान उन्होंने एक ‘स्ट्रीट डॉग’ का उदाहरण दिया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया।
विवाद बढ़ने के बाद लॉरेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है। उन्होंने लिखा कि वह हमेशा अपने प्रशंसकों और आम लोगों का सम्मान करते हैं और उन्हें कभी अपमानित नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, “कुछ लोग यह झूठ फैला रहे हैं कि मैंने लोगों को कुत्ता कहा, जबकि मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मेरा मतलब केवल यह था कि किसी नए माहौल को समझने और उसमें घुलने-मिलने में समय लगता है।” राघव लॉरेंस ने लोगों से पूरा वीडियो देखने की अपील करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। राघव लॉरेंस दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के प्रमुख कलाकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कोरियोग्राफर के रूप में की थी और बाद में अभिनेता, निर्देशक तथा निर्माता के तौर पर भी पहचान बनाई।
