नई दिल्ली। भारत का पोल्ट्री उद्योग आने वाले वर्षों में मजबूत वृद्धि की ओर बढ़ता दिख रहा है। केयरएज रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 (FY27) में पोल्ट्री सेक्टर की आय 6 से 7 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। साथ ही उद्योग के परिचालन मार्जिन में भी 50 से 100 बेसिस पॉइंट तक सुधार की उम्मीद जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती प्रोटीन खपत, तेज़ शहरीकरण, लोगों की बढ़ती आय और बदलती खानपान की आदतें इस उद्योग की ग्रोथ को गति दे रही हैं। रिटेल, फूड सर्विस और संस्थागत मांग में लगातार बढ़ोतरी से अंडे और पोल्ट्री मीट की खपत मजबूत बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि, आधुनिक फार्मिंग तकनीक, ऑटोमेशन, बेहतर ब्रीडिंग और फीड मैनेजमेंट से उत्पादकता में और सुधार होगा। वहीं, संगठित कंपनियां बेहतर सप्लाई चेन, इंटीग्रेटेड ऑपरेशन और कम फीड लागत का लाभ उठाकर मुनाफा बढ़ाने में सफल रही हैं।भारत वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक देश है। वित्त वर्ष 2025 में देश में 149.11 अरब अंडों और लगभग 5.18 मिलियन टन पोल्ट्री मीट का उत्पादन हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि, आने वाले वर्षों में यह उद्योग रोजगार, निवेश और निर्यात के नए अवसर भी पैदा करेगा।
