नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NSE) ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बाजार नियामक सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है।
माना जा रहा है कि, NSE का यह IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये तक का हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है। इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड और भारतीय जीवन बीमा निगम के आईपीओ बड़े रिकॉर्ड बना चुके हैं। NSE का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी कंपनी नए शेयर जारी कर पैसा नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस प्रक्रिया से NSE को नई पूंजी नहीं मिलेगी, लेकिन बाजार में कंपनी की लिस्टिंग का रास्ता साफ होगा।
इस इश्यू में कई बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी कम कर सकते हैं। इनमें स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड और अन्य संस्थागत निवेशक शामिल हैं। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम अपने शेयर बेचने से फिलहाल बाहर रहेगी। एनएसई की लिस्टिंग भारतीय शेयर बाजार के लिए एक ऐतिहासिक घटना मानी जा रही है। निवेशकों की नजर अब आईपीओ की मंजूरी और अंतिम इश्यू साइज पर टिकी हुई है।
