नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क अब सिर्फ एक अरबपति नहीं रहे, बल्कि उन्होंने संपत्ति के मामले में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जो अब तक किसी भी व्यक्ति ने नहीं किया था। रॉकेट और सैटेलाइट कंपनी स्पेसएक्स के रिकॉर्ड 75 अरब डॉलर के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के बाद मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं। शुक्रवार को स्पेसएक्स की अध्यक्ष ग्विन शॉटवेल और मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रेट जॉनसन ने नास्डैक पर शेयर सूचीबद्ध होते ही बेल बजाई। शुरुआती कारोबार में
एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर कैसे बने?
मस्क की दौलत का एक बड़ा हिस्सा अब उनकी स्पेस कंपनी स्पेसएक्स से आ रहा है। इससे पहले गुरुवार को आए स्पेसएक्स के ऐतिहासिक आईपीओ ने शेयर बाजार से 75 अरब डॉलर जुटाए हैं, जिसने उनके बिजनेस पर निवेशकों के उत्साह को साबित किया है। रॉयटर्स की गणना के अनुसार, शुक्रवार को जब शेयरों की ट्रेडिंग शुरू हुई, तो टेस्ला और उनकी अन्य कंपनियों की हिस्सेदारी को मिलाकर मस्क की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर (1.1 लाख करोड़ डॉलर) को पार कर गई। इसमें केवल स्पेसएक्स की ही लगभग 866 अरब डॉलर की हिस्सेदारी शामिल है।
दुनिया के बाकी अमीरों से मस्क कितने आगे निकल गए हैं?
इस आईपीओ से पहले फोर्ब्स ने मस्क की संपत्ति करीब 780 अरब डॉलर आंकी थी, जो अल्फाबेट के सह-संस्थापक लैरी पेज जैसे अमीरों से बहुत आगे थी। फोर्ब्स वेल्थ के डिप्टी एडिटर मैट डुरोट के अनुसार, दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति की संपत्ति लगभग 300 अरब डॉलर के आसपास झूल रही है, जो मस्क की संभावित दौलत के एक-तिहाई से भी कम है। अब तक केवल एक अन्य व्यक्ति, ओरेकल के संस्थापक लैरी एलिसन ही 400 अरब डॉलर की संपत्ति तक पहुंच पाए हैं।

शेयर बाजार में ‘एलन प्रीमियम’ क्या है?
मस्क का प्रभाव बाजार में इतना गहरा हो चुका है कि विश्लेषक उनके इर्द-गिर्द के व्यवसायों के नेटवर्क को मस्कोनॉमी कहते हैं। निवेशकों का उनकी दूरदृष्टि पर इतना गहरा विश्वास है कि उनकी कंपनियों को पारंपरिक वित्तीय पैमानों से परे एक वैल्यूएशन मिलता है, जिसे ‘एलन प्रीमियम’ कहा जाता है। रेनेसां कैपिटल के वरिष्ठ रणनीतिकार मैट कैनेडी बताते हैं कि 1.5 से 2 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप किसी भी पारंपरिक वैल्यूएशन के तरीके को खारिज करता है और यह पूरी तरह से मस्क के विजन पर एक दांव है।

विवादों और राजनीति का मस्क के बिजनेस पर क्या असर पड़ा है?
अपने बेबाक और अनफिल्टर्ड अंदाज के लिए मशहूर मस्क का राजनीतिक सफर काफी विवादों में रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (डीओजीई) में उनकी भूमिका के कारण 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेस्ला के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए और उपभोक्ता बॉयकॉट के कारण बिक्री में गिरावट भी देखी गई। बाद में नीतियों को लेकर उनका ट्रंप प्रशासन से विवाद भी हुआ, जो सार्वजनिक हो गया, हालांकि बाद में उनके सुर नरम पड़ गए थे।

दिग्गज बैंकर और ऑटो इंडस्ट्री मस्क को किस नजर से देखते हैं?
विवादों के बावजूद वित्तीय और कॉरपोरेट दुनिया के कई दिग्गज मस्क की क्षमता का लोहा मानते हैं। जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमन ने उन्हें ‘हमारे समय का एडिसन’ और ‘हमारा आइंस्टीन’ करार दिया है। वहीं, जनरल मोटर्स के पूर्व वाइस चेयरमैन बॉब लुट्ज का मानना है कि मस्क ने ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग में अमेरिकी कौशल के प्रति दुनिया का सम्मान फिर से स्थापित किया है।
क्या स्पेसएक्स के इस ऐतिहासिक आईपीओ में चीन के निवेशक पैसा लगा पाएंगे?
इतिहास के इस सबसे बड़े आईपीओ में चीन और हांगकांग के निवेशकों को एक भी शेयर खरीदने की अनुमति नहीं दी गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन या हांगकांग से जो भी लोग स्पेसएक्स की आधिकारिक साइट पर शेयर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें स्क्रीन पर केवल “Error 1009” का मैसेज दिख रहा है। ‘नॉर्मन के ग्रुप’ के निवेश सलाहकार ग्रेगोइरे कुनोव्स्की का कहना है कि यह संभवतः पहली बार है जब किसी पूरे देश को इतनी स्पष्टता के साथ किसी आईपीओ से पूरी तरह बाहर रखा गया है। इस पाबंदी के कारण चीन के म्यूचुअल फंड्स, प्राइवेट इक्विटी, सॉवरेन फंड और बड़े रईस निवेशक इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ में कोई हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
स्पेसएक्स ने चीन और हांगकांग के निवेशकों पर यह सख्त पाबंदी आखिर क्यों लगाई है?
स्पेसएक्स ने चीन को बाहर रखने के इस अभूतपूर्व फैसले के पीछे सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दिया है। कंपनी का स्पष्ट कहना है कि चीनी निवेशकों को शेयर खरीदने की मंजूरी देने से अमेरिकी ‘इंटरनेशनल ट्रैफिक इन आर्म्स रेगुलेशंस’ (आईटीएआर) के नियमों का सीधा उल्लंघन हो सकता है। यह अमेरिकी कानून हथियारों, रॉकेट बनाने के जरूरी तकनीकी डेटा और कुछ खास सॉफ्टवेयर जैसी संवेदनशील एयरोस्पेस और रक्षा तकनीक की बिक्री पर सख्त सीमाएं लगाता है। अपनी उन्नत और रक्षा तकनीकों को सुरक्षित रखने के लिए ही स्पेसएक्स ने चीनी निवेश के दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए हैं।
एलन मस्क का 1.1 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया का पहला ट्रिलियनेयर बनना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह स्पेस, एआई और इलेक्ट्रिक वाहनों पर निवेशकों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। हालांकि स्पेसएक्स अभी भी भारी मात्रा में कैश की मांग करती है और उसकी कई तकनीकों को व्यावसायिक रूप से सफल होने में दशक लग सकते हैं, लेकिन फिलहाल मस्क ने शेयर बाजार के सारे नियम और रिकॉर्ड तोड़कर खुद को वैश्विक बिजनेस के केंद्र में स्थापित कर लिया है।
