मुंबई। आपने बिना फैब्रिक के बना लहंगा देखा है? नहीं, तो अंबानी परिवार में आई इस नई बहू के ब्राइडल लहंगे को देख लीजिए। जिसके चर्चे हर जगह हो रहे हैं। इसे बनाने में किसी भी तरह का फैब्रिक यूज नहीं हुआ, बल्कि मुगल काल की तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। जिसकी कीमत 1 करोड़ के करीब बताई जा रही। जब बात अंबानी परिवार की बहुओं की होती है, तो उनके कपड़ों के चर्चे होना तय है। और, अब घर में आई नई बहुरानी पर सबकी नजरें टिक गई हैं। जिसने न तो सिल्क, न कॉटन या किसी और फैब्रिक से तैयार लहंगा पहना, बल्कि मेटल के धागों से बना लहंगा पहनकर तैयार हुई। तभी तो हर जगह बस इसी दुल्हनिया के चर्चे हो रहे हैं और ये नीता अंबानी की बहू, श्लोका मेहता या राधिका मर्चेंट नहीं, बल्कि उनके भांजे की नई- नवेली पत्नी हैं। जिनका ब्राइडल लुक सबकी तारीफें बटोर रहा है।हाल ही में मुकेश अंबानी की बहन दीप्ति सालगांवकर के बेटे विक्रम सालगांवकर की शादी हुई है। जिसमें अंबानी परिवार की महिलाओं ने सजने- संवरने में कोई कसर नहीं छोड़ी, तो ब्राइड का यूनिक लहंगा सब पर भारी पड़ गया। जिसे इतनी यूनिक तकनीक से तैयार किया गया है कि शायद है आपने ऐसा कोई लहंगा देखा होगा। जिसकी जब से डिजाइनर ने डिटेल्स शेयर की हैं, हर कोई इसकी कारीगरी की तारीफों में जुटा हुआ है। दुल्हन शवियाना ने डिजाइनर मोनिका और करिश्मा शाह के लेबल jade का कस्टम ब्राइडल लहंगा पहनकर हिस्ट्री क्रिएट कर दी। उनके लहंगे को डिजाइनर ने बगैर किसी कपड़े के बनाया गया। दरअसल, लहंगे को बनाने में मेटल के धागों का इस्तेमाल हुआ है और इस खास तकनीक को कसाब बोलते हैं, जो मुगल काल से है। यह तकनीक शाही परिधानों और दरबारी वस्त्रों को बनाने में इस्तेमाल की जाती थी। जिसका इस्तेमाल अब ब्राइडल लहंगे के लिए हुआ।
कसाब सोने या चांदी से बना बारीक तार या धागा होता है। जिसे रेशम या सूती के धागे में मिलाकर कढ़ाई की जाती है। इस तकनीक में सारा काम हाथ से होता है, इसलिए डिजाइन बहुत बारीक होते हैं और 3डी इफेक्ट देते हैं। इस पर मुगल काल से प्रेरित मोटिफ्स जैसे बेल, बूटा, पान पत्नी और जालीदार पैटर्न बनाए जाते हैं। आज भी कसाब का इस्तेमाल कपड़े पर कढ़ाई के लिए किया जाता है, लेकिन यहां डिजाइन ने पूरा लहंगा ही इसे से बना दिया। लहंगे पर इतनी बारीक कढ़ाई हुई है कि इसे बनाने में 15,000 घंटों का समय लगा। जिसकी हर कली पर 7 से 8 इंटरलेसिंग टेक्निक का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, स्वारोस्की क्रिस्टल, पिकॉक मोटिफ्स और टील एसेंट्स भी लहंगे पर लगे हैं, जो इसे रॉयल टच दे रहे हैं। डिजाइनर का कहना है कि ये लहंगा नहीं बल्कि ये एक जूलरी है जिसे उन्होंने लहंगे की तरह डिजाइन किया है। जिसकी कीमत रिपोर्ट्स में करीब 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दुल्हन का लहंगा ही नहीं चोली भी खास तकनीक के साथ बनी है, जिसे मैक्रमे (Macrame) इंजीनियरिंग कहते हैं। इसमें कपड़ा बुनाई (weaving) या बुनकर (knitting) से नहीं, बल्कि धागों को (knots) बांधकर तैयार किया जाता है। इसमें अलग- अलग तरह की गांठों से डिजाइन और स्ट्रक्चर बनाए जाते हैं, जो कपड़े को मजबूती देती हैं और शेप तय करती हैं। जितनी ज्यादा कसी हुई गांछें होंगे, कपड़ा उतना ही मजबूत होगा।
यहां दुल्हनिया की डीप नेक वाली चोली को भी गांठों से तैयार कपड़े से बनाया गया। जिसकी स्लीव्स पर लटकी मोतियों वाली लटकन इसकी खूबसूरती को बढ़ी रही हैं, तो इसमें आती शाइन इसे एलिमेंट लुक दे गई। लहंगा- चोली ही नहीं, मोनिका ने दुपट्टे को भी रोज गोल्ड हवा जाली से बनाया गया। जिसने दुल्हनिया के लहंगे के पेस्टल शेड्स और स्वोरिसकी क्रिस्टल की चमक को परफेक्टली ट्यून किया। वहीं इसके बॉर्डर को कर्व कट डिटेलिंग दी है, तो नीचे लगी मोतियों की लटकन वाली लेस इसे और रिच लुक दे गई। अब हवा जाली की बात करें, तो ये एक ऐसा डिजाइन है, जिसमें छोटे- छोटे छेद या कटवर्क बने होते हैं। कपड़ों में ये जालीदार एम्ब्रॉयडरी लाइट होती है और ब्रीदेबल लुक देती है। लुक को प्रॉपर ब्राइडल फील देने के लिए दुल्हनिया ने वेल के साथ एंट्री ली। जिसके बॉर्डर को कटआउट डिटेलिंग देकर फ्लोरल पैटर्न से सजाया, तो बाकी से हिस्से पर बूटियां बनी हैं। जिसे उन्होंने घूंघट की तरह ओढ़ा और पीछे ट्रेल को बहनें पकड़े हुए हैं। जिससे भी दुल्हनिया का लहंगा में अंदाज और निखारकर सामने आया। जब बात गहनों की आई, तो अंबानी की बहुरानी होकर शवियाना कैसे पीछे रह सकती हैं। उन्होंने डायमंड, रूबी और पर्ल्स की स्टनिंग जूलरी पिक की। उन्होंने रूबी पेंडेंट वाला डायमंड चोकर सेट पहना और उसे डायमंड नेकलेस के साथ लेयर कर लिया। वहीं, मांग टीका, झुमके और नथ भी क्लासी लगी। जिसमें वाइट पर्ल्स लटके हैं, तो मैचिंग रिंग और हाथों में चूड़ियां पहन दुल्हनिया ने लुक को पूरा किया। जिसमें वह बेहद सुंदर लगीं। जिसे मरून छोटी- सी बिंदी और न्यूड मेकअप के साथ उन्होंने फाइनल टच दिया।
