नई दिल्ली। दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के सबसे करीबी सहयोगियों और भरोसेमंद सलाहकारों में शामिल मेहली के. मिस्त्री ने उनकी निजी निवेश कंपनी आरएनटी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है। यह बदलाव रतन टाटा की वसीयत के तहत ट्रस्टीशिप में हुए पुनर्गठन के बाद सामने आया है।
वर्ष 2009 में रतन टाटा द्वारा स्थापित आरएनटी एसोसिएट्स देश की प्रमुख निवेश कंपनियों में से एक है। कंपनी का निवेश पोर्टफोलियो 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जाता है। इसने पेटीएम, ओला और ब्लूस्टोन जैसे कई चर्चित स्टार्टअप्स में निवेश किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मेहली मिस्त्री ने कंपनी में अपने निदेशक पद की जिम्मेदारी नए ट्रस्टियों को सौंप दी है। उन्होंने इस्तीफे का कारण अपनी अन्य पेशेवर व्यस्तताओं को बताया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अब वे रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट और रतन टाटा फाउंडेशन के ट्रस्टी भी नहीं हैं।
मेहली मिस्त्री दशकों तक रतन टाटा के करीबी रहे और उनकी वसीयत को लागू करने की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रमुख लोगों में शामिल थे। वह करीब तीन साल पहले आरएनटी एसोसिएट्स के बोर्ड में शामिल हुए थे। इससे पहले नवंबर 2025 में उन्हें टाटा ट्रस्ट्स से भी हटा दिया गया था, जिसके पास टाटा सन्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।
हालांकि, मेहली मिस्त्री अभी भी टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट के बोर्ड में बने हुए हैं। उनके लगातार विभिन्न संस्थाओं से अलग होने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वे धीरे-धीरे टाटा समूह और उससे जुड़ी संस्थाओं से दूरी बना रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

