नई दिल्ली। आज कारोबार के शुरूआती दिन शेयर बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव दिखा। पहले प्री ओपनिंग की बढ़त गंवाकर सेंसेक्स में 200 अंक से अधिक की गिरावट थी, निफ्टी 24,300 से नीचे पहुंच गया था। इस दौरान एचडीएफसी बैंक और आरआईएल ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला। हालांकि, फिर बेंचमार्क सूचकांकों में खरीदारी लौटी और सूचकांक हरे निशान पर लौट आए। जहां शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 236.64 अंक चढ़कर 78,730.18 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 66.65 अंक बढ़कर 24,420.20 पर पहुंच गया। ट्रेंट और एसबीआई शीर्ष लाभ कमाने वाले शेयर रहे। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 19 पैसे बढ़कर 92.72 पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में बीएसई का बेंचमार्क 27.41 अंक गिरकर 78,504.91 पर और निफ्टी 11.80 अंक गिरकर 24,342.40 पर कारोबार कर रहा था। आपको बता दें की सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, अदानी पोर्ट्स और एक्सिस बैंक प्रमुख विजेता रहे। एचडीएफसी बैंक, इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन और इंफोसिस पिछड़ने वालों में शामिल थे।
वहीं शनिवार को आईसीआईसीआई बैंक द्वारा मार्च तिमाही के लिए अपने समेकित शुद्ध लाभ में 9.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने और इसे 14,755 करोड़ रुपये तक पहुंचाने की घोषणा के बाद बैंक के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह वृद्धि प्रोविजनिंग में लगभग 90 प्रतिशत की कमी के कारण हुई।अनुसंधान विश्लेषक और लिवेलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि सप्ताहांत में विरोधाभासी घटनाक्रम सामने आए, विशेष रूप से उन रिपोर्टों के बाद जिनमें संकेत दिया गया है कि शुक्रवार को संक्षिप्त रूप से खुलने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया गया है। इस उलटफेर ने कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ला दिया है, जिससे आपूर्ति में व्यवधान और मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं फिर से पैदा हो गई हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशियाई संघर्ष में तनाव कम करने और बढ़ाने का जो नाटक जारी है, उससे निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। ईरान द्वारा एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और ‘अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन’ करने वाले एक ईरानी जहाज को अमेरिका द्वारा जब्त किए जाने के जवाब में जवाबी कार्रवाई की धमकी देने से, 22 अप्रैल को युद्धविराम समाप्त होने पर संघर्ष भड़कने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने कहा कि बाजार के संकेत नए सिरे से चिंता व्यक्त करने और संघर्ष के भड़कने का संकेत नहीं देते हैं। विजयकुमार ने आगे कहा कि भले ही ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को 90 डॉलर से नीचे के स्तर से बढ़कर 95 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन कच्चे तेल के बाजार में घबराहट का कोई माहौल नहीं है।
