जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप, ट्रैक्टर से कुचलकर किसान की हत्या

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सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र अंतर्गत पथरई-सिलमा गांव में जमीन विवाद ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया। विवादित कृषि भूमि पर कब्जे और जुताई को लेकर हुए संघर्ष में एक 60 वर्षीय किसान की कथित रूप से ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिलमा निवासी होसराम पैकरा और पथरई निवासी बजरंग पैकरा के बीच लगभग 6.30 एकड़ कृषि भूमि के स्वामित्व और नामांतरण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। यह मामला राजस्व न्यायालय में भी विचाराधीन बताया जा रहा है। दोनों पक्ष भूमि पर अपना-अपना दावा करते आ रहे थे।

रविवार को विवादित भूमि पर एक पक्ष द्वारा जुताई-बुआई का कार्य शुरू किया गया। इसकी जानकारी मिलने पर होसराम पैकरा अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और जुताई का विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट में बदल गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के 7 से 8 लोगों ने होसराम पैकरा और उनके परिजनों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान होसराम पैकरा जमीन पर गिर पड़े। इसी दौरान एक आरोपी ने ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। सीतापुर एसडीओपी राजेंद्र मंडावी और बतौली थाना प्रभारी विवेक सेंगर के नेतृत्व में पुलिस बल ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में भुवनेश्वर, बजरंग, उमेश, मनोज, रघुनंदन, बोधन, कमली और प्यारी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार ट्रैक्टर चालक उमेश को इस घटना का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया गया है।

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि भूमि विवाद को लेकर पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही थाना बतौली में आवेदन देकर सुरक्षा की मांग भी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद यह घटना घटित हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश और भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भूमि विवादों को समय रहते सुलझाया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।