आईटीआर फाइलिंग 2026: टैक्स बचाने का सुनहरा मौका, रिटर्न भरने से पहले इन 6 जरूरी डिडक्शन को जरूर करें क्लेम

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मुंबई। अगर आप वित्त वर्ष 2025-26 का आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने जा रहे हैं और पुराना टैक्स रिजीम चुन रहे हैं, तो कुछ अहम टैक्स डिडक्शन का दावा कर अपनी टैक्स देनदारी को काफी हद तक कम कर सकते हैं। कई करदाता जानकारी के अभाव में इन छूटों का लाभ नहीं ले पाते और जरूरत से ज्यादा टैक्स चुका देते हैं। सबसे लोकप्रिय धारा 80 सी के तहत पीपीएफ, ईपीएफ, ईएलएसएस, टैक्स सेविंग FD, NSC, सुकन्या समृद्धि योजना, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस और होम लोन के मूलधन पर रु1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिल सकती है। वहीं, NPS में निवेश करने पर Section 80CCD(1B) के तहत रु रु. 50,000 की अतिरिक्त छूट उपलब्ध है।

इसके अलावा, धारा 80 डी (Section 80D) के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, Section 80E के तहत एजुकेशन लोन के ब्याज, Section 80G के तहत मान्यता प्राप्त संस्थाओं को दिए गए दान और Section 24(b) के तहत होम लोन के ब्याज पर भी टैक्स लाभ लिया जा सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि ITR दाखिल करने से पहले Form 16, AIS और Form 26AS का मिलान जरूर करें। साथ ही सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और रिटर्न भरने के बाद ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें, ताकि आपकी प्रक्रिया पूरी हो सके।