नई दिल्ली। भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है। अप्रैल से जून 2026 की दूसरी तिमाही में इस क्षेत्र में संस्थागत निवेश 16 प्रतिशत बढ़कर 1.9 अरब डॉलर पहुंच गया है। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में रियल एस्टेट क्षेत्र को कुल 3.5 अरब डॉलर का संस्थागत निवेश मिला, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से आगे भी निवेश गतिविधियों को समर्थन मिलेगा।
दूसरी तिमाही में ऑफिस प्रॉपर्टी निवेशकों की पहली पसंद बनी रही। इस सेक्टर में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश आया, जो कुल निवेश का 51 प्रतिशत है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की बढ़ती मांग, कम होती खाली जगह और प्रीमियम ऑफिस बाजारों में बढ़ते किराये ने निवेश को बढ़ावा दिया। वहीं, डेटा सेंटर सेक्टर भी तेजी से उभरा और कुल निवेश में इसकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत रही। एआई, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से इस क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू संस्थागत निवेशकों का योगदान बढ़ा है, जबकि विदेशी निवेश की हिस्सेदारी में कमी दर्ज की गई है। प्राइवेट इक्विटी निवेशक अब भी सबसे बड़े निवेश स्रोत बने हुए हैं।
