भारत का केमिस्ट्री ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन, 4 गोल्ड मेडल के साथ हासिल की संयुक्त टॉप रैंक

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नई दिल्ली। इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड (IChO) 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम के सभी चारों सदस्यों ने गोल्ड मेडल जीतकर देश को संयुक्त रूप से टॉप रैंक दिलाई। भारत के साथ चीन, वियतनाम और रूस के एक व्यक्तिगत प्रतिभागी ने भी संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। 58वां इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड 10 से 19 जुलाई तक उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित किया गया था। इस प्रतियोगिता में दुनिया के 93 देशों के 363 छात्रों ने हिस्सा लिया। यह IChO में भारत की 27वीं भागीदारी थी और इस बार का प्रदर्शन देश के लिए अब तक का सबसे बेहतरीन रहा।

भारत की ओर से गोल्ड मेडल जीतने वाले छात्रों में ओडिशा के भुवनेश्वर निवासी देबदत्त प्रियदर्शी, पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ के हर्षित सिंघल, दिल्ली के कबीर छिल्लर और तेलंगाना के हैदराबाद निवासी संदीप कुची शामिल हैं। भारतीय टीम का नेतृत्व IISER कोलकाता के हेड मेंटर प्रो. सुभाजीत बंद्योपाध्याय और होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE) की मेंटर डॉ. इंद्राणी दास सेन ने किया। टीम के साथ वैज्ञानिक पर्यवेक्षक के रूप में IIT खड़गपुर के डॉ. अनुबेंदु अधिकारी और NES रत्नम कॉलेज, मुंबई की डॉ. जयश्री गोपालकृष्णन भी मौजूद रहीं।

इंटरनेशनल केमिस्ट्री ओलंपियाड दुनिया भर के सेकेंडरी स्कूल छात्रों के लिए रसायन विज्ञान की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से एक है। इसकी शुरुआत 1968 में हुई थी, जिसमें छात्रों की सैद्धांतिक और प्रायोगिक क्षमता का परीक्षण किया जाता है। भारत वर्ष 1999 से इस प्रतियोगिता में भाग ले रहा है। देश में चयन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) के अंतर्गत होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन (HBCSE) संभालता है।

2026 के आयोजन से पहले भारत IChO में 31 गोल्ड, 55 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका था। वर्ष 2025 में भारत ने दो गोल्ड और दो सिल्वर मेडल हासिल किए थे, लेकिन इस बार चारों प्रतिभागियों के गोल्ड जीतने के साथ भारत ने नया रिकॉर्ड बनाया। HBCSE ने इस उपलब्धि के लिए नेशनल स्टीयरिंग कमिटी, शिक्षक संगठनों, केमिस्ट्री ओलंपियाड सेल से जुड़े विशेषज्ञों और सभी सहयोगी संस्थानों का आभार जताया। साथ ही डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी (DAE), डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) और शिक्षा मंत्रालय (MoE) के वित्तीय सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।