कबीरधाम में कोदो का पैरा खाने से 3 मवेशियों की मौत, 145 बीमार; गांवों में पशु चिकित्सा टीम तैनात

Follow Us

कबीरधाम। जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के सूरजपुरा और पिरचाटोला गांव में कोदो का पैरा खाने के बाद बड़ी संख्या में मवेशियों की तबीयत बिगड़ गई है। 28 अक्टूबर को करीब 10 पशुओं में बीमारी के लक्षण मिले थे, जो 29 अक्टूबर की सुबह तक बढ़कर लगभग 145 हो गए। इस घटना में अब तक तीन मवेशियों की मौत हो चुकी है। स्थिति को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंचकर पशुओं का उपचार और निगरानी कर रही है।

ग्राम पंचायत सूरजपुरा से सूचना मिलने के बाद विभागीय अमला 28 अक्टूबर की रात ही मौके पर पहुंच गया था। अगले दिन बीमार पशुओं की संख्या बढ़ने पर उपचार अभियान तेज किया गया। इसमें मोबाइल वेटरनरी यूनिट, आसपास के क्षेत्रों के पशु चिकित्सा सहायक, मैत्री कार्यकर्ता और गौ सेवक भी सहयोग कर रहे हैं। टीमें घर-घर जाकर प्रभावित मवेशियों की जांच और इलाज कर रही हैं।

पशुओं के बीमार होने की वास्तविक वजह जानने के लिए प्रभावित क्षेत्रों से कोदो के पैरा के नमूने लिए गए हैं। जिला रोग अन्वेषण प्रयोगशाला की टीम ने बीमार पशुओं के रक्त और गोबर के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही विषाक्तता के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

पशु चिकित्सा विभाग के प्रभारी उप संचालक डॉ. आशीष देवांगन ने पशुपालकों से मवेशियों को कोदो पैरा वाले खेतों में चरने से रोकने की अपील की है। विभाग के मुताबिक अक्टूबर-नवंबर में कोदो की कटाई के बाद खेतों में बचा पैरा खाने से पशुओं में विषाक्तता के लक्षण सामने आ सकते हैं। शरीर में लगातार कंपकंपी, असंतुलन और पेट फूलना इसके प्रमुख संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

प्रभावित गांवों में निगरानी के लिए कर्मचारियों की अलग-अलग पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। विभाग ने बताया कि उपचार के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा को मुनादी कराने के संबंध में पत्र भी भेजा गया है।