रायपुर। रायपुर के तिल्दा रेलवे स्टेशन से प्रशासनिक संवेदनशीलता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक वृद्ध महिला की मौत के बाद उसका शव करीब 7 घंटे तक खुले में पड़ा रहा। दुखद बात यह रही कि कानून व्यवस्था का दावा करने वाली तीन एजेंसियां—आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और स्थानीय पुलिस—मदद करने के बजाय अपने-अपने अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचती रहीं।
यह घटना आज सुबह करीब 5:30 बजे टिकट घर के सामने एक निर्माणाधीन भवन में हुई। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद भी घंटों तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। आरपीएफ ने तिल्दा नेवरा पुलिस को मेमो भेजा, तो स्थानीय पुलिस ने इसे रेलवे का मामला बताकर जीआरपी की ओर टाल दिया। इस कागजी खींचतान के बीच शव घंटो लावारिस पड़ा रहा, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अज्ञात महिला पिछले कुछ दिनों से वहीं रह रही थी, जिसकी फिलहाल पहचान नहीं हो सकी है।
