Health News: काम की भागदौड़ में न करें मानसिक सेहत को नजरअंदाज, स्ट्रेस दूर करने के अपनाएं ये उपाय

Follow Us

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है। काम का बढ़ता दबाव, समय पर टारगेट पूरा करने की चिंता, परिवार की जिम्मेदारियां और खुद के लिए समय न निकाल पाना धीरे-धीरे तनाव यानी स्ट्रेस को बढ़ा सकता है। लगातार तनाव में रहने का असर न केवल मानसिक स्वास्थ्य, बल्कि शारीरिक सेहत पर भी पड़ता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतों को अपनाकर मानसिक सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे प्रभावी तरीके, जिनकी मदद से ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों के बीच भी आप अपनी मेंटल हेल्थ का ख्याल रख सकते हैं।

समय का सही प्रबंधन करें:
ऑफिस और घर के कामों को एक साथ संभालने के कारण कई बार मानसिक दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में दिनभर के जरूरी कामों की लिस्ट बनाएं और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें पूरा करें।

  • जरूरी काम पहले निपटाएं।
  • एक समय में एक ही काम पर ध्यान दें।
  • हर काम के लिए समय निर्धारित करें।
  • गैरजरूरी कामों को टालना सीखें।

इससे काम का दबाव कम होगा और आप अधिक व्यवस्थित महसूस करेंगे।

शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 1400 अंक चढ़ा, निफ्टी ने भी लगाई छलांग

खुद के लिए भी निकालें समय:
दूसरों की जिम्मेदारियां निभाने के साथ खुद की जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। दिनभर में कम से कम 20-30 मिनट अपने लिए निकालें। इस दौरान अपनी पसंद का काम करें, जैसे किताब पढ़ना, गाना सुनना, बागवानी करना या टहलना। खुद को समय देने से मन को आराम मिलता है और मानसिक थकान कम करने में मदद मिलती है।

नियमित एक्सरसाइज करें:

  • शारीरिक गतिविधियां मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। नियमित एक्सरसाइज से तनाव कम करने और मूड बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
  • रोजाना 20-30 मिनट वॉक करें।
  • योग और स्ट्रेचिंग को दिनचर्या में शामिल करें।
  • लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • लंबे समय तक बैठकर काम करने के बीच छोटे ब्रेक लें।

मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग अपनाएं:
तनाव और बेचैनी महसूस होने पर कुछ मिनट शांत बैठकर गहरी सांस लेने की कोशिश करें। मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज मन को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। रोजाना 5-10 मिनट मेडिटेशन के लिए निकालें। धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। इस दौरान अपना ध्यान सांसों पर केंद्रित रखें।

शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर डीएड अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की

पर्याप्त नींद लें:

  • अच्छी मानसिक सेहत के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन, थकान और तनाव बढ़ सकता है।
  • रोजाना 7-9 घंटे सोने की कोशिश करें।
  • सोने और जागने का समय निर्धारित रखें।
  • सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें।
  • रात में कैफीन लेने से बचें।

ऑफिस और घर के बीच बनाएं संतुलन:

  • ऑफिस का काम घर और घर की जिम्मेदारियां ऑफिस तक ले जाना तनाव बढ़ा सकता है। इसलिए दोनों के बीच स्पष्ट सीमाएं बनाना जरूरी है।
  • ऑफिस के बाद काम से ब्रेक लें।
  • परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं।
  • छुट्टी के दिन काम से दूरी बनाने की कोशिश करें।
  • जरूरत पड़ने पर अपने सहकर्मियों और परिवार से मदद मांगें।

मोबाइल और सोशल मीडिया से लें ब्रेक:
लगातार मोबाइल, ईमेल और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। इसलिए दिन में कुछ समय डिजिटल डिवाइस से दूरी बनाएं। खासकर सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें। सोशल मीडिया पर दूसरों की जिंदगी से अपनी तुलना करने से भी बचें।

Rama Ekadashi 2026: रमा एकादशी पर राशि के अनुसार करें मंत्र जाप, सुख-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते

लगातार स्ट्रेस में रहने से सेहत पर क्या असर पड़ता है?:

  • बार-बार चिड़चिड़ापन और गुस्सा आना।
  • नींद न आना या बार-बार नींद टूटना।
  • हर समय थकान महसूस होना।
  • किसी काम में मन न लगना।
  • एकाग्रता और याददाश्त प्रभावित होना।
  • सिरदर्द और मांसपेशियों में तनाव।
  • बेचैनी और घबराहट महसूस होना।

अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।