गुप्त नवरात्र 2026: इन शुभ संकेतों को माना जाता है माता रानी की कृपा का इशारा, जानें क्या कहते हैं ये संकेत

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नई दिल्ली। 15 जुलाई से गुप्त नवरात्र की शुरुआत हो रही है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यह समय मां दुर्गा की विशेष साधना, पूजा और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान भक्त उपवास, मंत्र जाप और पूजा-पाठ के जरिए माता रानी का आशीर्वाद पाने की कामना करते हैं।धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गुप्त नवरात्र के दौरान कुछ संकेतों को शुभ माना जाता है। जैसे सोलह श्रृंगार किए हुए महिला के दर्शन होना, नीलकंठ पक्षी का दिखाई देना या सुबह के समय गाय, कमल, कलश, फल, अन्न और सफेद वस्त्र जैसी चीजों का दिखना सकारात्मक संकेत माने जाते हैं।

कहा जाता है कि, सपनों में धन से जुड़े संकेत मिलना, जैसे किसी द्वारा चेक देना या सफलता से जुड़े दृश्य दिखाई देना, भविष्य में उन्नति का प्रतीक माना जाता है। वहीं सफेद गाय के दर्शन और धार्मिक यात्रा को भी शुभ संकेतों से जोड़ा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्र के दौरान कुछ संकेतों को अशुभ भी माना जाता है। हालांकि, ये सभी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं और इनके प्रति लोगों की अपनी-अपनी आस्था होती है। गुप्त नवरात्र का मुख्य उद्देश्य श्रद्धा, साधना और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना है।