तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका पर अपने एक मालवाहक जहाज को जब्त करने का गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में खतरनाक हस्तक्षेप है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा हो सकता है। दरअसल ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को अमेरिकी बलों ने ईरानी झंडे वाले कंटेनर जहाज ‘तोस्का’ को रोका और उस पर नियंत्रण ले लिया। इस कार्रवाई के बाद तेहरान ने इसे अमेरिकी हमला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जहाज के साथ-साथ उसके चालक दल और उनके परिवारों को भी कथित रूप से हिरासत में लिया गया है, जिसे ईरान ने पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि सभी लोगों की बिना शर्त रिहाई तुरंत होनी चाहिए।
वहीं इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें इस समुद्री कार्रवाई का दृश्य दिखाया गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि USS त्रिपोली युद्धपोत से अमेरिकी मरीन हेलीकॉप्टर के जरिए जहाज के पास पहुंचते हैं और रस्सियों के सहारे डेक पर उतरते हैं। इसके बाद जहाज पर नियंत्रण लेने की प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। इसी बीच एक थिंक टैंक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व में भी गहरे मतभेद उभर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत और कूटनीति को लेकर ईरानी संसद और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस आंतरिक खींचतान का असर अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी पड़ सकता है। आपको बता दें की तेहरान ने आरोप लगाया है कि ऐसी कार्रवाइयां पश्चिम एशिया को अस्थिर करने का काम कर रही हैं। ईरान का कहना है कि इस घटना की पूरी जिम्मेदारी अमेरिकी प्रशासन पर है और यह कदम क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है। ईरानी मंत्रालय ने दो टूक कहा कि ‘अगर हालात बिगड़ते हैं तो उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह अमेरिका की होगी।’ ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री मार्गों में सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। इस ताजा घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
