गांधीनगर। गुजरात के कच्छ जिले में गुरुवार दोपहर कुछ ही मिनटों के अंतराल पर भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए। अचानक आए इन भूकंपीय झटकों से लोगों में कुछ समय के लिए चिंता का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईएसआर), गांधीनगर के अनुसार कच्छ जिले में दोपहर के समय लगातार भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं। पहला झटका दोपहर करीब 2:20 बजे महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। आईएसआर के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र कच्छ जिले के खावड़ा से करीब 32 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित था। इसकी गहराई जमीन के अंदर लगभग 22.6 किलोमीटर दर्ज की गई।
पहले झटके के कुछ ही मिनट बाद दोपहर 2:23 बजे दूसरा भूकंप आया। इस झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 दर्ज की गई। आईएसआर के अनुसार दूसरे भूकंप का केंद्र धोलावीरा से करीब 32 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में था। इसकी गहराई लगभग 12.9 किलोमीटर रही। इसके बाद इसी क्षेत्र में एक और हल्का भूकंपीय कंपन भी दर्ज किया गया। लगातार कुछ ही समय के भीतर तीन झटके महसूस होने से स्थानीय लोगों में हल्की चिंता जरूर देखी गई, लेकिन किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।
कदम कच्छ जिला भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। यहां समय-समय पर छोटे और मध्यम स्तर के भूकंपीय झटके महसूस किए जाते रहे हैं। वर्ष 2001 में आए विनाशकारी भूकंप के बाद से कच्छ क्षेत्र को भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसी वजह से यहां आने वाले छोटे झटकों को भी प्रशासन और वैज्ञानिक संस्थाएं गंभीरता से निगरानी करती हैं। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। अधिकारियों की ओर से अभी तक किसी नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि कम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनते, लेकिन लगातार आने वाले झटकों की निगरानी जरूरी होती है।
आईएसआर की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, कच्छ में आए इन भूकंपीय झटकों की तीव्रता कम रही। इसके बावजूद क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल कच्छ जिले में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन और भूकंप निगरानी संस्थाएं लगातार क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। आने वाले समय में यदि कोई और भूकंपीय गतिविधि दर्ज होती है तो उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
