रायपुर। नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर छत्तीसगढ़ में अलग-अलग संगठनों की ओर से दिशा-निर्देश और अपील सामने आई हैं। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से कहा है कि यदि वे गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो पहले आयोजन समिति से अनुमति लें और अपनी वास्तविक पहचान के साथ प्रवेश करें। उन्होंने गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए वहां की परंपराओं और नियमों का पालन करने की बात कही है। उन्होंने युवाओं से परिवार की महिलाओं के साथ जाने और दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा नहीं करने की सलाह भी दी है।
डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है और मुस्लिम युवाओं को इसमें शामिल होने से पहले अपनी धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने पहचान छिपाकर या नाम बदलकर गरबा में प्रवेश करने वालों के खिलाफ एफआईआर की बात कही है। उनके मुताबिक ऐसे आयोजनों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। वहीं, बजरंग दल ने भी गरबा समितियों और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। रायपुर जिला संयोजक भूषण साहू ने गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए इसकी मर्यादा बनाए रखने की बात कही है।
बजरंग दल ने गरबा आयोजनों के लिए 14 बिंदुओं पर व्यवस्था तय करने की मांग की है। इसमें गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, पहचान पत्र की जांच, प्रवेश और निकास के लिए अलग व्यवस्था, सुरक्षा जांच, सीसीटीवी कैमरे और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जैसी मांगें शामिल हैं। संगठन ने पंडालों में अश्लील गानों और आपत्तिजनक गतिविधियों पर रोक लगाने की भी मांग की है। इसके साथ ही आग से बचाव, बिजली सुरक्षा, आपातकालीन निकास और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
संगठन ने यह भी कहा है कि गरबा के दौरान किसी तरह का विवाद या छेड़छाड़ होने पर आयोजक या भीड़ खुद कानून हाथ में न लें। ऐसी स्थिति में तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी जाए। अब नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा आयोजनों में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

