जांजगीर-चांपा। शहर की स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति देखने कलेक्टर जन्मेजय महोबे रविवार को फील्ड में पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला क्षेत्र के चार एसएलआरएम केंद्रों का औचक निरीक्षण कर कचरा संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने खोखरा सहित वार्ड क्रमांक 1, 4 और 18 स्थित एसएलआरएम केंद्रों का निरीक्षण किया। खोखरा केंद्र में कचरा डंप किए जाने पर उन्होंने तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पहले से जमा कचरे का शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्रोत पर कचरा पृथक्करण को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित श्रेणियों में अलग-अलग संग्रहित किया जाए। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमों का पालन नहीं करने वालों को पहले समझाइश देने और इसके बाद भी लापरवाही जारी रहने पर जुर्माने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सड़क, नाली और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी बढ़ाने और लोगों को कचरे के उचित निस्तारण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। एसएलआरएम केंद्रों में काम करने वाली स्वच्छता दीदियों से बातचीत करते हुए कलेक्टर ने उनके कार्य और समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को ग्लव्स, मास्क, सुरक्षा जूते सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद वार्ड क्रमांक 18 में कलेक्टर ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने नागरिकों से घर से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में पृथक कर नगर पालिका की टीम को सौंपने और सड़क, नाली व खुले स्थानों पर कचरा नहीं डालने की अपील की। कलेक्टर ने नगर पालिका प्रशासन को नियमित कचरा संग्रहण, सोर्स सेग्रीगेशन, व्यावसायिक क्षेत्रों की स्वच्छता और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर के लिए नागरिकों और प्रशासन दोनों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
