मुंबई। निर्देशक कबीर खान की फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ को रिलीज हुए दो साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर ने फिल्म और अभिनेता कार्तिक आर्यन की जमकर सराहना की है। मुरलीकांत पेटकर ने कहा कि अपनी जीवन यात्रा को पर्दे पर देखना उनके लिए भावुक अनुभव था। फिल्म ने न सिर्फ उनके संघर्षों और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया, बल्कि पैरा-एथलीट्स को लेकर समाज की सोच में भी सकारात्मक बदलाव लाया है।

उन्होंने कहा कि पहले दिव्यांग खिलाड़ियों को सहानुभूति की नजर से देखा जाता था, लेकिन अब उन्हें सम्मान और पहचान मिलने लगी है। पेटकर के अनुसार, इस बदलाव में ‘चंदू चैंपियन’ का बड़ा योगदान रहा है। कार्तिक आर्यन की तारीफ करते हुए मुरलीकांत ने कहा कि अभिनेता ने सिर्फ उनकी कहानी नहीं सुनी, बल्कि उनके दर्द, संघर्ष और जज्बे को भी गहराई से समझा। उन्होंने कहा कि कार्तिक ने उनके जीवन के हर पहलू को ईमानदारी से पर्दे पर उतारा है। मुरलीकांत पेटकर ने माना कि फिल्म ने उनकी कई पुरानी यादों को ताजा कर दिया, लेकिन साथ ही यह विश्वास भी मजबूत किया कि कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने वालों की जीत तय होती है।
