दुर्ग। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 8 अक्टूबर को देशभर में आयोजित “काला दिवस” विरोध प्रदर्शन के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी और INDIA ब्लॉक के सांसदों द्वारा चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करना लोकतंत्र में उनका अधिकार है। लेकिन उनके साथ दुर्व्यवहार, बल प्रयोग और गंभीर रूप से घायल किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
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अरुण वोरा ने कहा-
“जब विपक्ष सवाल पूछता है तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है। जब चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जाते हैं तो जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाई जाती है। यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी। जब तक चुनाव व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होकर लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने की अपील की।
“लोकतंत्र बचाना है, संविधान बचाना है- जनता की आवाज को दबने नहीं देना है।”
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