बिलासपुर। खरीफ सीजन 2026 को लेकर बिलासपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। किसानों को खेती-किसानी के पीक सीजन में खाद-बीज के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल खुद कमान संभाल रहे हैं। कलेक्टर द्वारा रोजाना जिले की 114 सहकारी समितियों और निजी दुकानों में उर्वरकों के स्टॉक, उठाव और वितरण की कड़ाई से समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि जिले में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे किसानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
कृषि विभाग के मुताबिक, इस साल खरीफ सीजन के लिए जिले को कुल 68,950 टन रासायनिक उर्वरक का लक्ष्य मिला है। इसके मुकाबले अब तक 46,780 टन से अधिक (लगभग 60.28 प्रतिशत) खाद का सुरक्षित भंडारण किया जा चुका है। इसमें से 19,912 टन से ज्यादा उर्वरक किसानों को बांटा भी जा चुका है। वर्तमान में समितियों और निजी विक्रेताओं के पास 41,560 टन खाद का बंपर स्टॉक मौजूद है, जिसमें 22,996 टन यूरिया और 5,621 टन डीएपी सहित एनपीके, एसएसपी और एमओपी शामिल हैं।
खाद की किल्लत न हो, इसके लिए कंपनियां लगातार अतिरिक्त रैक भेज रही हैं। वहीं दूसरी ओर, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग के दस्तों को मैदान में उतारा गया है, जो निजी दुकानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा है कि किसानों को तय रेट पर ही क्वालिटी वाली खाद मिलनी चाहिए। प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी दुकानों से ही खरीदारी करें और गड़बड़ी दिखने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
