50 लाख रुपये लेकर एक ही मकान दो बार बेचा, धोखाधड़ी के आरोप में आरोपी गिरफ्तार

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दुर्ग। 50 लाख रुपये अग्रिम लेने के बाद मकान बेचने का इकरारनामा करने और फिर उसी संपत्ति को दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री कर देने के मामले में सुपेला थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने खरीदारों से 50 लाख रुपये लिए थे, लेकिन बाद में पूर्व समझौते की शर्तों को दरकिनार करते हुए मकान किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान के साक्ष्यों की जांच की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की गई और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार जवाहर नगर आवासीय योजना स्थित मकान का सौदा 26 नवंबर 2024 को 55 लाख रुपये में सुंदर लाल पटेल, श्रीनिवास मिश्रा, छत्रपति सिंह और शिवशंकर यादव के साथ तय हुआ था। खरीदारों ने नौ चेक के माध्यम से 50 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में दिए थे। इसके बाद 28 नवंबर 2024 को नोटराइज विक्रय इकरारनामा भी कराया गया। इसके बावजूद आरोपी ने 17 अप्रैल 2026 को उसी मकान की रजिस्ट्री विशाल सिंह के नाम कर दी। शिकायत के बाद पुलिस ने नोटराइज इकरारनामा, भुगतान संबंधी दस्तावेज और अन्य अभिलेखों की बारीकी से जांच की। पूछताछ में आरोपी ने अग्रिम राशि लेने और उसे ग्राम हथखोज स्थित अपनी लोहे के बोल्ट व कील निर्माण फैक्ट्री में निवेश करने की बात स्वीकार की।

पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद थाना प्रभारी एस.एन. सिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, आरक्षक प्रदीप सिंह और संतोष निर्मलकर की टीम ने आरोपी इन्द्रजीत सिंह (41), निवासी कैलाश नगर, थाना जामुल, जिला दुर्ग को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। यह मामला संपत्ति खरीदने वालों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। जमीन या मकान खरीदने से पहले स्वामित्व, पुराने इकरारनामे, रजिस्ट्री और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पूरी तरह जांच करना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की आर्थिक धोखाधड़ी से बचा जा सके।