जगदलपुर राज्योत्सव में अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को किया याद, विधायक किरण देव बोले- उनका योगदान अविस्मरणीय

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26वें वर्ष के अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में विधायक किरण सिंह देव ने राज्य निर्माण के प्रणेता और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों की भावनाओं और सरल स्वभाव का सम्मान करते हुए उन्होंने बिना किसी बड़े संघर्ष के अलग राज्य की सौगात दी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने बस्तर को समृद्धि और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

विधायक किरण देव ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, वहीं महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। जगदलपुर में 24 घंटे संचालित नालंदा परिसर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद दे रहा है। धुड़मारास को हेरिटेज विलेज के रूप में विकसित करने, होम-स्टे और पर्यटन कॉरिडोर जैसी पहलों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि नारी शक्ति और युवा ऊर्जा नए बस्तर के निर्माण का आधार हैं। उन्होंने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके जरिए स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान मिल रही है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले की विकास यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 को बस्तर क्षेत्र का माओवाद मुक्त होना एक ऐतिहासिक पड़ाव रहा। इसके बाद प्रशासन का ध्यान शांति और विकास कार्यों को गति देने पर केंद्रित है।

जिले में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अंदरूनी क्षेत्रों तक सड़कें पहुंचाई जा रही हैं। गीदम-भोपालपटनम फोरलेन कॉरिडोर और अंतागढ़-जगदलपुर रेल परियोजना पर भी काम जारी है। राज्योत्सव में विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियां लगाई गईं और हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, भूमि स्वामित्व दस्तावेज सहित अन्य सहायता प्रदान की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूली बच्चों और लोक कलाकारों को पुरस्कृत किया गया। समाजसेवियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।