पंचायतों के खजाने खाली, कटोरा लेकर भीख मांगने सड़क पर उतरे सरपंच!

Follow Us

30 करोड़ के मनरेगा भुगतान समेत कई मदों की राशि महीनों से अटकी, जिलेभर के सरपंचों ने निकाली रैली; तिरंगा चौक पर तालपट्टी बिछाकर 20 मिनट किया चक्काजाम

गरियाबंद। पंचायतों में विकास कार्य कराने के बाद भी भुगतान के लिए महीनों इंतजार, मनरेगा की मजदूरी और सामग्री की राशि बकाया, मूलभूत सुविधाओं के लिए मिलने वाली रकम लंबित और जनप्रतिनिधियों का मानदेय अटका हुआ है। इन तमाम समस्याओं को लेकर सोमवार को गरियाबंद में सरपंचों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। जिला सरपंच संघ के नेतृत्व में जिलेभर के सरपंच, उपसरपंच और पंच कटोरा लेकर प्रदर्शन करने सड़कों पर उतर आए। हाथों में कटोरे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर निकले जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया।

 

प्रदर्शन की शुरुआत कलेक्ट्रेट परिसर से हुई। यहां से रैली सिविल लाइन होते हुए बस स्टैंड पहुंची और फिर तिरंगा चौक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गई। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में कटोरे लेकर जमकर नारेबाजी की और पंचायतों की आर्थिक बदहाली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। जिले के अलग-अलग विकासखंडों से पहुंचे सरपंच, उपसरपंच और पंचों ने कटोरा दिखाकर शासन से अपने बकाया भुगतान की मांग की। उनका कहना था कि जिन पंचायतों के जिम्मे गांवों का विकास है, उन्हीं पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को आज अपने कराए गए कार्यों की राशि पाने के लिए कटोरा लेकर सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

तिरंगा चौक पर तालपट्टी बिछाकर 20 मिनट किया चक्काजाम
तिरंगा चौक पहुंचने के बाद प्रदर्शन ने जोर पकड़ लिया। सरपंच संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने चौक पर तालपट्टी बिछाकर सड़क पर ही मोर्चा संभाल लिया। करीब 15 से 20 मिनट तक चक्काजाम कर शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में कटोरे लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगी और कटोरा दिखाकर पंचायतों की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाए। चक्काजाम के चलते तिरंगा चौक पर आवागमन भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने साफ संदेश दिया कि पंचायतों के पास विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी तो है, लेकिन जब भुगतान के लिए राशि ही नहीं मिलेगी तो गांवों में विकास की गति कैसे आगे बढ़ेगी।

30 करोड़ के काम, आठ महीने से भुगतान का इंतजार
जिला सरपंच संघ ने अपने ज्ञापन में बताया कि जिले की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत करीब 30 करोड़ रुपये के कार्य कराए जा चुके हैं, लेकिन मजदूरी और सामग्री की राशि लगभग आठ महीने से लंबित है। इसका असर सीधे पंचायतों के कामकाज और विकास गतिविधियों पर पड़ रहा है। संघ का कहना है कि मूलभूत एवं 16वें वित्त आयोग की राशि भी जारी नहीं होने से पंचायतों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। वहीं मूल्यांकन और सत्यापन पूरा होने के बावजूद कई निर्माण कार्यों का भुगतान पांच से छह महीने से अटका हुआ है। उपसरपंचों और पंचों का मानदेय भी लंबित है।

अंतरराष्ट्रीय ‘कादंबरी’ सम्मान से वंदनागोपाल सम्मानित

कटोरा लेकर शासन से मांगा पंचायतों का हक
सरपंच संघ ने मनरेगा की लंबित मजदूरी एवं सामग्री राशि तत्काल जारी करने, मूलभूत और 16वें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने, पंचायत कर्मचारियों का भुगतान सुनिश्चित करने तथा उपसरपंचों एवं पंचों का बकाया मानदेय जारी करने की मांग की है। इसके अलावा मूल्यांकन एवं सत्यापन पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की राशि जारी करने और लंबित फाइलों का शीघ्र निराकरण करने की मांग उठाई गई। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।

दीपावली तक भुगतान नहीं तो घेराव और चक्काजाम
जिला सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, कलेक्टर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर दीपावली से पहले सभी लंबित राशियों का भुगतान करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इसके तहत शासन-प्रशासन का घेराव और चक्काजाम जैसे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किए जाएंगे।

जनता का सवाल : अव्यवस्था है तो जिम्मेदार कौन?’

जिलेभर के सरपंच हुए शामिल
प्रदर्शन में जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष हरीश साहू, संरक्षक पन्ना लाल ध्रुव, कार्यकारी अध्यक्ष कोमल देव ध्रुव, कोषाध्यक्ष हलमन ध्रुवा, सचिव पवन सिंह यादव सहित जिला उपाध्यक्ष पद्मा मोती निषाद (फिंगेश्वर), घनश्याम मरकाम (मैनपुर), चम्पेश्वर ध्रुव (छुरा), नरेंद्र ध्रुव (गरियाबंद) और रोशनी प्रधान (देवभोग) समेत जिलेभर के सरपंच, उपसरपंच एवं पंच शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर लंबित भुगतान जारी करने और पंचायतों की आर्थिक समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई।