रायपुर। नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में राजस्व विभाग का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां जियो रेफरेंसिंग, ऑटो म्यूटेशन, ऑनलाइन नामांतरण, बंटवारा और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण जैसी सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। विभिन्न जिलों से पहुंचे ग्रामीण इन सेवाओं के बारे में जान रहे हैं और ऑनलाइन व्यवस्था को उपयोगी बता रहे हैं।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड के ग्राम सकलोर से आए दिलीप वर्मा और वेदराम वर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पहले छोटे राजस्व कार्यों के लिए तहसील और सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे। अब ऑनलाइन सेवाओं से समय और पैसे की बचत हो रही है। वहीं, पठारीडीह के ग्रामीणों ने जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र, अविवादित नामांतरण और बंटवारे की प्रक्रिया पहले से आसान होने की बात कही।
रायपुर जिले के ग्राम बुढ़गहन और जांजगीर से पहुंचे ग्रामीणों ने भी डिजिटल राजस्व व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना है कि ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध होने से जमीन संबंधी जानकारी हासिल करना आसान हुआ है। डिजिटल सुविधाओं से राजस्व कार्यों में पारदर्शिता बढ़ने के साथ आम लोगों की परेशानियां भी कम हो रही हैं।
प्रदर्शनी में जियो रेफरेंसिंग के जरिए भूमि अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन और ऑटो म्यूटेशन से नामांतरण प्रक्रिया को सरल बनाने की जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों ने इन सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के प्रति आभार जताया।
