रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 2 नवंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में राज्योत्सव आयोजित किया जाएगा। राज्य शासन ने कार्यक्रमों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है। इस बार राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। आयोजन के दौरान सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रदर्शनी के साथ स्थानीय कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही, कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने 27 अक्टूबर को मुख्य अतिथियों के निर्धारण संबंधी आदेश जारी किया। जिला प्रशासन को संबंधित अतिथियों से चर्चा कर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी सूची के अनुसार, जांजगीर-चांपा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। रायगढ़ में ओपी चौधरी, सरगुजा में रामविचार नेताम, कांकेर में केदार कश्यप, कोरबा में लखनलाल देवांगन और जशपुर में श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम में शामिल होंगे। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में दयालदास बघेल, सूरजपुर में लक्ष्मी राजवाड़े, गरियाबंद में टंकराम वर्मा, राजनांदगांव में गजेंद्र यादव और बीजापुर में गुरु खुशवंत साहेब को मुख्य अतिथि बनाया गया है।
सांसदों को भी अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। बलौदाबाजार-भाटापारा में बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में विजय बघेल, कबीरधाम में संतोष पांडेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में चिंतामणि महाराज और महासमुंद में रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि होंगे। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में राधेश्याम राठिया, सक्ती में कमलेश जांगड़े, दंतेवाड़ा में महेश कश्यप, बालोद में भोजराज नाग, सुकमा में देवेंद्र प्रताप सिंह और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में लक्ष्मी वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अन्य जिलों में कोरिया में विधायक भैयालाल राजवाड़े, मुंगेली में पुन्नूलाल मोहले, धमतरी में अजय चंद्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में रेणुका सिंह और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में अमर अग्रवाल मुख्य अतिथि होंगे। कोंडागांव में लता उसेंडी, नारायणपुर में विक्रम उसेंडी और बस्तर में किरण देव कार्यक्रम में शामिल होंगे।
राज्योत्सव के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक सभी जिला मुख्यालयों में सरकारी भवनों को रोशनी से सजाया जाएगा। इसकी व्यवस्था संबंधित विभाग अपने बजट से करेंगे। कार्यक्रम स्थलों पर विभागीय उपलब्धियों, प्रमुख योजनाओं और सफल परियोजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। शासन ने आयोजन की गरिमा बनाए रखने और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
